वो नाम जिसने ‘K’ अक्षर से लिख दिया भारतीय टीवी का इतिहास ; जानें एकता कपूर का सफलता से भरा सफर
एकता कपूर, भारतीय टेलीविजन और फिल्म इंडस्ट्री की सबसे प्रभावशाली निर्माता, 7 जून 2026 को 51वां जन्मदिन मनाएंगी। बालाजी टेलीफिल्म्स की संस्थापक एकता ने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ जैसे रिकॉर्ड-तोड़ धारावाहिकों से इतिहास रचा। उन्होंने फिल्म, ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में भी बड़ा योगदान दिया।

निर्माता एकता कपूर
भारतीय टेलीविजन और फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाने वाली प्रख्यात निर्माता एकता कपूर का जन्म 7 जून 1975 को हुआ था। वर्ष 2026 में 7 जून को वह अपना 51वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं। बेहद कम उम्र में मनोरंजन जगत में कदम रखने वाली एकता कपूर ने 17 वर्ष की आयु से ही अपने करियर की शुरुआत की और आगे चलकर भारतीय टेलीविजन की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में अपना नाम दर्ज कराया।
एकता कपूर ने अपने करियर की शुरुआत विज्ञापन और फीचर फिल्ममेकर कैलाश सुरेंद्रनाथ के साथ इंटर्नशिप से की। उनके पिता की वित्तीय सहायता से उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड की स्थापना की, जहां वह संयुक्त प्रबंध निदेशक और क्रिएटिव हेड के रूप में कार्य करने लगीं। शुरुआती दौर उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि उनके छह पायलट एपिसोड अस्वीकृत कर दिए गए, जिससे लगभग 50 लाख रुपये (2023 के अनुसार लगभग 2 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। इसके बाद 1995 में उनके शो ‘मानो या ना मानो’ को ज़ी टीवी पर जगह मिली, जबकि ‘धुन धमाका’ डीडी नेशनल पर प्रसारित हुआ। इसी वर्ष उनका सिटकॉम ‘हम पांच’ पहली बड़ी सफलता बनकर उभरा, जिसने उन्हें इंडस्ट्री में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निर्माता एकता कपूर (दाएं) अपने पिता और वरिष्ठ अभिनेता जितेंद्र (बाएं)
2000 का दशक एकता कपूर के करियर का स्वर्णिम युग साबित हुआ। स्टार प्लस पर प्रसारित ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने इतिहास रच दिया और 22.4 टीआरपी हासिल कर उस समय का सबसे सफल भारतीय धारावाहिक बन गया। इसके बाद ‘कहानी घर घर की’ (2000) और ‘कसौटी जिंदगी की’ (2001) ने उन्हें भारतीय टेलीविजन की “क्वीन” के रूप में स्थापित कर दिया। इस दौर में उनके कई धारावाहिकों के नाम ‘K’ अक्षर से शुरू होते थे, जिसमें ‘कहीं किसी रोज’, ‘कलश’, ‘कहीं तो होगा’, ‘कसम से’ जैसे लोकप्रिय शो शामिल थे।
इसी अवधि में वर्ष 2001 में बालाजी टेलीफिल्म्स की सहायक कंपनी बालाजी मोशन पिक्चर्स की स्थापना की गई, जिसने हिंदी फिल्म निर्माण और वितरण के क्षेत्र में कदम रखा। इसके तहत एकता कपूर ने कई सफल फिल्मों का निर्माण किया, जिनमें ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘लुटेरा’, ‘मैं तेरा हीरो’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘क्रू’ और ‘द साबरमती रिपोर्ट’ शामिल हैं।
डिजिटल युग में प्रवेश करते हुए उन्होंने अप्रैल 2017 में ओटीटी प्लेटफॉर्म ALTBalaji की शुरुआत की। हालांकि वर्ष 2022 में उन्होंने और उनकी माता शोभा कपूर ने इसके संचालन से खुद को अलग कर लिया, जिसके बाद इसकी जिम्मेदारी विवेक कोका को चीफ बिजनेस ऑफिसर के रूप में दी गई। वर्ष 2025 में इस ऐप को सरकार द्वारा अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया।
2017 में एकता कपूर ने अपनी जीवनी ‘किंगडम ऑफ द सोप क्वीन: द स्टोरी ऑफ बालाजी टेलीफिल्म्स’ भी प्रकाशित की। वर्ष 2020 में उन्हें कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके बाद 2023 में उन्हें 51वें इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स में इंटरनेशनल एमी डायरेक्टोरेट अवॉर्ड भी प्रदान किया गया। एकता कपूर का निजी जीवन भी चर्चा में रहा है। वह अविवाहित हैं और उन्होंने 27 जनवरी 2019 को सरोगेसी के माध्यम से एक पुत्र को जन्म दिया। उन्होंने 36 वर्ष की आयु में अपने एग्स फ्रीज कराए थे और बाद में आईवीएफ प्रक्रिया का सहारा लिया।
अपने परिवार के साथ खड़ीं शोभा कपूर, तुषार कपूर, एकता कपूर और अभिनेता जितेंद्र (बाएं से दाएं)
उनका परिवार भी फिल्मी दुनिया से जुड़ा हुआ है। वह अभिनेता जितेंद्र और शोभा कपूर की पुत्री हैं, जबकि उनके छोटे भाई तुषार कपूर भी बॉलीवुड अभिनेता हैं। उन्होंने मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल (महिम) से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और बाद में मिथिबाई कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। अपने संघर्षपूर्ण शुरुआती दौर में उन्होंने कई असफलताओं का सामना किया, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भारतीय टेलीविजन उद्योग में अभूतपूर्व सफलता हासिल की। वर्ष 2000–2001 के दौरान उनकी कंपनी का अनुमानित कारोबार लगभग 35 करोड़ रुपये (2023 के अनुसार 139 करोड़ रुपये या 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया था।
वर्तमान समय में भी एकता कपूर लगातार सक्रिय हैं और कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। उनके आगामी प्रोजेक्ट्स में मोहनलाल अभिनीत फिल्म ‘वृषभा’, अक्षय कुमार स्टारर ‘भूत बंगला’ और सिद्धार्थ मल्होत्रा एवं तमन्ना भाटिया अभिनीत ‘व्वान’ शामिल हैं। इसके अलावा वह अपने लंबे समय से लोकप्रिय सुपरनैचुरल शो ‘नागिन’ के सातवें सीजन का भी निर्माण कर रही हैं। भारतीय मनोरंजन जगत में एकता कपूर का योगदान केवल एक निर्माता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने टेलीविजन, फिल्म और डिजिटल कंटेंट की दुनिया को नई दिशा दी है। उनका सफर संघर्ष, नवाचार, रिकॉर्ड-तोड़ सफलता और विवादों के बीच भारतीय एंटरटेनमेंट इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन चुका है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
