कोच्चि: दक्षिण भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता दुलकर सलमान एक बार फिर कानूनी मुश्किलों और कड़े प्रशासनिक रडार पर आ गए हैं। सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग के अधिकारियों ने उनके साथ जुड़ी एक आलीशान निसान पेट्रोल (Nissan Patrol) एसयूवी को जब्त कर लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एक कथित लक्जरी एसयूवी तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चल रही व्यापक और गंभीर जांच का हिस्सा है। सीमा शुल्क विभाग ने इस बड़ी जब्ती को 'ऑपरेशन नुमखोर' (Operation Numkhor) के तहत अंजाम दिया है, जो कोच्चि के सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्त कार्यालय के नेतृत्व में चलाई जा रही एक अत्यंत विस्तृत और सघन जांच है। खोजबीन के इस ताजा और बड़े दौर में, अधिकारियों ने केरल के विभिन्न हिस्सों से आठ प्रीमियम एसयूवी कारों को अपने कब्जे में ले लिया है।

जब्त की गई इस निसान पेट्रोल कार ने हाल ही में दुलकर सलमान की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'लकी भास्कर' (Lucky Baskhar) में दिखाई देने के बाद भारी जनसमान्य और मीडिया का ध्यान आकर्षित किया था। मातृभूमि (Mathrubhumi) की रिपोर्टों के अनुसार, इस फिल्म के प्रचार से जुड़े साक्षात्कारों के दौरान, दुलकर सलमान ने कथित तौर पर यह दावा किया था कि स्क्रीन पर दिखाई गई यह शानदार एसयूवी उनकी खुद की है। हालांकि, सीमा शुल्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है कि क्या यह अभिनेता ही इस वाहन के वास्तविक और कानूनी मालिक हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे अभी भी इस पूरे स्वामित्व के इतिहास और कागजी कड़ियों की गहनता से जांच कर रहे हैं और फिलहाल वे किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।







इस पूरे सनसनीखेज मामले और जांच का विवरण साझा करते हुए सीमा शुल्क विभाग ने मातृभूमि को बताया कि यह वाहन हाल ही में दुलकर सलमान-स्टारर फिल्म 'लकी भास्कर' में दिखाए जाने के बाद चर्चा में आया था। फिल्म के प्रमोशनल इंटरव्यू के दौरान दुलकर सलमान अक्सर यह दावा करते रहे थे कि फिल्म में इस्तेमाल की गई निसान पेट्रोल उनकी अपनी गाड़ी थी। अधिकारियों ने इस एसयूवी को इस 'उचित विश्वास' और पुख्ता शक के आधार पर जब्त किया है कि इस वाहन को भारत के अत्यधिक संवेदनशील और खुले भूटान/नेपाल भूमि सीमाओं के माध्यम से अवैध रूप से देश के भीतर लाया गया था, जिससे भारत के भारी घरेलू आयात करों और सीमा शुल्क शुल्कों की पूरी तरह से चोरी की जा सके। विभाग वर्तमान में पूरी मुस्तैदी से यह सत्यापित कर रहा है कि क्या इस विशिष्ट वाहन का अभिनेता के साथ कोई स्थायी या आधिकारिक स्वामित्व संबंध है।

अधिकारियों को इस पूरे नेटवर्क पर यह गहरा संदेह है कि इन महंगी एसयूवी कारों को शुरू में भूटान से अवैध रूप से भारत में आयात किया गया था और फिर केरल के अंतिम खरीदारों तक पहुंचाने से पहले दिल्ली में सक्रिय कुछ बिचौलियों के माध्यम से इन्हें आगे स्थानांतरित किया गया था। इस बड़े रैकेट की जड़ें सीधे तौर पर सितंबर 2025 में शुरू किए गए 'ऑपरेशन नुमखोर' से जुड़ी हुई हैं। इस ऑपरेशन का नाम खास तौर पर जोंगखा (Dzongkha) भाषा के शब्द से लिया गया है, जिसका सीधा अर्थ "वाहन" होता है। जांचकर्ताओं का स्पष्ट रूप से कहना है कि इस बड़े ऑपरेशन ने एक बहुत बड़े सीमा-पार तस्करी और वाहनों के फर्जी पंजीकरण नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों का मानना है कि इन लक्जरी वाहनों को पूरी तरह से अवैध रूप से आयात किया गया था और फिर भारी सीमा शुल्क और सरकारी करों के भुगतान से बचने के लिए मनगढ़ंत व फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके इनका दोबारा अवैध पंजीकरण कराया गया था।

इससे पहले भी सीमा शुल्क विभाग इस बड़ी कार्रवाई के तहत केरल के विभिन्न इलाकों से 45 से अधिक अवैध वाहनों को जब्त कर चुका है। जांचकर्ता अब इस कथित रैकेट से जुड़े सभी खरीदारों और बिचौलियों की भूमिका की भी बारिकी से जांच कर रहे हैं। इस जांच की आंच मनोरंजन जगत तक पहुंच चुकी है, जिसमें अमिथ चकलक्कल (Amith Chackalakkal) और दुलकर सलमान जैसे प्रमुख सार्वजनिक व्यक्तित्व अब अधिकारियों की कड़ी निगरानी और जांच के दायरे में हैं। अधिकारी लगातार इनके स्वामित्व रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सभी दस्तावेजों की पुष्टि कर रहे हैं। यह पूरी जांच वर्तमान में काफी सक्रियता से जारी है, और सीमा शुल्क विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब्त किए गए वाहन के साथ अभिनेता दुलकर सलमान के मालिकाना हक की कड़ियों का सत्यापन होना अभी बाकी है।

Pratahkal Newsroom

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