हिंदी और मलयालम 'Drishyam 3' का अंत होगा अलग-अलग? जानें क्या है मेकर्स का कहना
‘दृश्यम 3’ फ्रेंचाइज़ी में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां मलयालम और हिंदी संस्करण एक ही आधार से शुरू होकर अलग-अलग कहानियों में विकसित होंगे। निर्माताओं अभिषेक पाठक और कुमार मंगत पाठक ने पुष्टि की है कि दोनों फिल्मों की पटकथा, प्रस्तुति और कथानक दिशा अलग होगी।

दृश्यम 3
सुपरहिट ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइज़ी एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह केवल इसका अगला भाग नहीं, बल्कि इसकी कहानी कहने की बदली हुई शैली है। फिल्म निर्माताओं अभिषेक पाठक और कुमार मंगत पाठक ने ‘दृश्यम 3’ को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है, जिसने दर्शकों की उम्मीदों को नई दिशा दे दी है। उनके अनुसार मलयालम और हिंदी संस्करण एक ही मूल सिनेमाई दुनिया से शुरू होंगे, लेकिन आगे चलकर उनकी कहानियाँ अलग-अलग रूप ले लेंगी।
निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि ‘दृश्यम 3’ के दोनों संस्करण एक समान आधारभूत कथा से आरंभ होंगे, लेकिन स्क्रीनप्ले और प्रस्तुति की शैली में महत्वपूर्ण अंतर होगा। हिंदी संस्करण को विशेष रूप से उत्तर भारतीय दर्शकों की संवेदनशीलता और मनोरंजन शैली को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है, जबकि मलयालम संस्करण अपनी मूल भावनात्मक और पारिवारिक ड्रामा शैली को अधिक गहराई से प्रस्तुत करेगा।
फ्रेंचाइज़ी की शुरुआत ‘दृश्यम 1’ से होती है, जिसने कहानी को एक मजबूत आधार दिया। मलयालम फिल्म ‘दृश्यम’ वर्ष 2013 में और इसका हिंदी रीमेक वर्ष 2015 में रिलीज़ हुआ था। दोनों संस्करणों में एक ही केंद्रीय घटना दिखाई गई- एक लड़के की अनजाने में हुई मौत और उसके बाद परिवार के मुखिया द्वारा सिनेमा की समझ का उपयोग करते हुए पुलिस जांच से परिवार को बचाने की कोशिश। हालांकि दोनों फिल्मों की मूल कहानी समान रही, लेकिन हिंदी संस्करण में जांच प्रक्रिया को अधिक सघन और तेज गति के साथ प्रस्तुत किया गया, जिससे इसका स्वरूप अपेक्षाकृत अधिक व्यावसायिक और प्रभावशाली बन गया।
इसके बाद फ्रेंचाइज़ी का दूसरा भाग ‘दृश्यम 2’ आया, जिसने कहानी को आगे बढ़ाते हुए वर्षों बाद की स्थिति को दर्शाया। मलयालम ‘दृश्यम 2’ वर्ष 2021 में और हिंदी ‘दृश्यम 2’ वर्ष 2022 में रिलीज़ हुई। इस भाग में परिवार पर संदेह की परतें फिर से खुलती दिखाई गईं और पुलिस पुराने मामले को दोबारा जांच के लिए खोलती है। मलयालम संस्करण में कहानी अधिक मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक गहराई के साथ आगे बढ़ती है, जबकि हिंदी संस्करण में पुलिस और मुख्य पात्र के बीच टकराव और जांच की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और संरचित रूप में दिखाई गई। दोनों संस्करणों में अंत की प्रस्तुति शैली में भी अंतर देखा गया, जहाँ मलयालम फिल्म अधिक सूक्ष्म और अस्पष्ट भाव के साथ समाप्त होती है, वहीं हिंदी संस्करण अपेक्षाकृत स्पष्ट और नाटकीय समाधान की ओर बढ़ता है।
अब ‘दृश्यम 3’ को लेकर निर्माताओं ने पुष्टि की है कि यह फ्रेंचाइज़ी एक नए रचनात्मक मोड़ पर प्रवेश कर रही है। मलयालम और हिंदी दोनों संस्करण एक ही सिनेमाई ब्रह्मांड और पात्रों के साथ आगे बढ़ेंगे, लेकिन उनकी कहानी की दिशा समान नहीं होगी। दोनों फिल्मों की शुरुआत एक साझा कथा आधार से होगी, लेकिन आगे बढ़ते हुए घटनाक्रम, पटकथा और चरित्रों के निर्णय अलग-अलग रास्तों पर विकसित होंगे।
यह पहली बार होगा जब एक ही फ्रेंचाइज़ी के दो भाषाई संस्करण पारंपरिक रीमेक ढांचे से हटकर स्वतंत्र कथा संरचना के रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे। ‘दृश्यम 3’ के इस नए दृष्टिकोण के साथ फ्रेंचाइज़ी एक ऐसे चरण में प्रवेश कर रही है, जहाँ एक ही मूल विचार से दो अलग-अलग कहानी अनुभव विकसित होंगे। यह बदलाव भारतीय सिनेमा में बहुभाषी फिल्मों की प्रस्तुति और कथानक प्रयोग के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
