“फेक और पैसे कमाने की मशीन…” मिर्जापुर के 'मुन्ना भैया' ने खोली बॉलीवुड की सबसे गंदी पोल
बॉलीवुड अभिनेता दिव्येंदु शर्मा ने अवॉर्ड शो पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्हें “फेक” और “पैसे कमाने की मशीन” बताया है। उन्होंने कहा कि ये आयोजन अब प्रतिभा के सम्मान के बजाय स्पॉन्सरशिप और प्रमोशन का माध्यम बन चुके हैं। उनके बयान ने इंडस्ट्री में पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया पर नई बहस छेड़ दी है।

अभिनेता दिव्येंदु शर्मा
बॉलीवुड में अवॉर्ड शो की विश्वसनीयता को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है, जब अभिनेता दिव्येंदु शर्मा ने इन आयोजनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उन्हें “फेक” और “पैसे कमाने की मशीन” करार दिया। उनके इन बयानों के बाद फिल्म इंडस्ट्री में एक नई चर्चा शुरू हो गई है, जिसमें अवॉर्ड सिस्टम की पारदर्शिता और उद्देश्य को लेकर कई पुराने सवाल फिर से सामने आ गए हैं।
दिव्येंदु शर्मा ने हाल ही में दिए गए अपने बयान में कहा कि बॉलीवुड अवॉर्ड शो अब अपनी मूल भावना से भटक चुके हैं और ये वास्तविक प्रतिभा के सम्मान के बजाय प्रायोजकों, ब्रांड प्रमोशन और व्यावसायिक लाभ का माध्यम बनकर रह गए हैं। उनके अनुसार, इन आयोजनों में ग्लैमर और मार्केटिंग को इतना महत्व दिया जाता है कि असली कलात्मक प्रदर्शन अक्सर पीछे छूट जाता है।
अभिनेता ने यह भी दावा किया कि कई बार अवॉर्ड चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष नहीं रहती और इसमें केवल प्रदर्शन ही नहीं बल्कि कार्यक्रम में उपस्थिति और प्रमोशनल भागीदारी जैसे कारक भी प्रभाव डालते हैं। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि कुछ मामलों में कलाकारों की उपस्थिति न होने पर परिणामों में बदलाव तक देखने को मिला है, जिससे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
सोशल मीडिया पर उनके बयान तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद दर्शकों और फिल्म प्रेमियों के बीच दो धड़े बनते दिखाई दिए। एक वर्ग ने दिव्येंदु के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि लंबे समय से अवॉर्ड शो पर व्यावसायिकता हावी रही है और कई बार लोकप्रियता व प्रचार को वास्तविक प्रतिभा से अधिक प्राथमिकता दी जाती है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि सभी अवॉर्ड शो एक जैसे नहीं होते और कुछ मंच आज भी निष्पक्ष जूरी आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से कलाकारों को सम्मानित करते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड अवॉर्ड शो की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हों। वर्षों से इस तरह की चर्चाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिनमें चयन प्रक्रिया, स्पॉन्सरशिप और लोकप्रियता आधारित निर्णयों को लेकर आलोचनाएँ शामिल रही हैं। दिव्येंदु शर्मा के इस ताज़ा बयान ने एक बार फिर इस पुरानी बहस को नए सिरे से जीवित कर दिया है, जिसमें कला और व्यवसाय के बीच संतुलन को लेकर गंभीर मंथन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
