ऋषिकेश में आध्यात्मिक सुकून की तलाश में पहुंचे दिलजीत दोसांझ, पंजाबी में दिए ऑटोग्राफ
दिलजीत दोसांझ ने ऋषिकेश यात्रा की तस्वीरें साझा कर प्रशंसकों को अपने आध्यात्मिक अनुभवों की झलक दिखाई। गंगा किनारे ध्यान, आश्रम में संगीत सभा और पंजाबी में हस्तलिखित ऑटोग्राफ के साथ उनकी यह यात्रा दिल्ली कॉन्सर्ट और हालिया विवाद के बाद चर्चा में है।

दिल्ली कॉन्सर्ट के बाद आध्यात्मिक यात्रा पर ऋषिकेश पहुंचे पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ और प्रशंसकों के लिए पंजाबी में हस्तलिखित ऑटोग्राफ देने के पल।
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने व्यस्त कार्यक्रमों और संगीत यात्रा से समय निकालकर ऋषिकेश में आध्यात्मिक अनुभवों का आनंद लेते नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी ऋषिकेश यात्रा की कई तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें गंगा किनारे बिताए पलों, आश्रम में संगीत सभा, प्रार्थना और ध्यान की झलक देखने को मिली। इस दौरान पंजाबी भाषा में हस्तलिखित ऑटोग्राफ देते हुए उनकी एक तस्वीर भी सामने आई है।
दिलजीत ने अपनी इस यात्रा की तस्वीरों के जरिए प्रशंसकों को अपने आध्यात्मिक अनुभवों की झलक दिखाई। एक तस्वीर में वह महल जैसी खूबसूरत इमारत के सामने सफेद पारंपरिक पोशाक, पगड़ी और कंधों पर धूसर रंग की शॉल पहने खड़े दिखाई दिए। एक अन्य तस्वीर में वह जमीन पर पालथी मारकर बैठकर पारंपरिक भोजन का आनंद लेते नजर आए। उन्होंने आश्रम में आयोजित संगीत सभा की झलकियां भी साझा कीं।
साझा की गई तस्वीरों के क्रम में दिलजीत एक भित्तिचित्र के सामने एक महिला के साथ बैठे दिखाई दिए। दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करते नजर आए। एक अन्य तस्वीर में वह हेलीकॉप्टर के पास उसके पायलटों के साथ पोज देते दिखे। वहीं, एक तस्वीर में वह प्रशंसकों को पंजाबी भाषा में अपने हाथों से लिखे ऑटोग्राफ देते नजर आए।
बताया जा रहा है कि दिलजीत 30 अक्टूबर को दिल्ली में हुए अपने संगीत कार्यक्रम के बाद सीधे ऋषिकेश पहुंचे थे। यह कार्यक्रम उनके ऑरा इंडिया टूर 2026 की शुरुआत थी। ऋषिकेश प्रवास के दौरान उन्होंने गंगा किनारे समय बिताया, एक आश्रम का दौरा किया और ध्यान के पल भी साझा किए।
दिलजीत की यह यात्रा उनके 'आई एम एन आर्टिस्ट, ब्रो' वाले बयान को लेकर हुई आलोचना के कुछ समय बाद सामने आई है। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनके इस बयान को लेकर विवाद हुआ था। मामला उस समय शुरू हुआ जब इंस्टाग्राम लाइव सत्र के दौरान उनसे दिल्ली में सीजेपी के नेतृत्व वाले छात्र प्रदर्शन के बारे में सवाल पूछा गया।
इस पर दिलजीत ने कहा था कि वह एक कलाकार हैं, राजनेता नहीं और प्रदर्शनों तथा राजनीतिक मामलों से दूर रहना चाहते हैं। उनके इस जवाब की कार्यकर्ता और सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने आलोचना की थी। उन्होंने गायक की प्रतिक्रिया पर निराशा जताई थी। बाद में दिल्ली में हुए अपने संगीत कार्यक्रम के दौरान दिलजीत ने बिना किसी का नाम लिए इस आलोचना का जवाब देते हुए अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा, "मैं आप सभी से प्यार करता हूं क्योंकि मैं एक कलाकार हूं, ब्रो। मैं चुप हूं, इसलिए मुझे चुप रहने दीजिए। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं। पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ाइयां कैसे लड़नी हैं।"
इसके बाद उन्होंने कहा, "पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ।"
दिलजीत के इस बयान को उनके खिलाफ हुई आलोचना के संदर्भ में देखा गया। वहीं, ऋषिकेश यात्रा की तस्वीरों में उनका आध्यात्मिक अनुभव, गंगा किनारे बिताया समय और पंजाबी में ऑटोग्राफ देने का अंदाज चर्चा में है।

