Vande Bharat trains maintenance depot

जोधपुर (कास) । देशभर में दौड़ रही सेमी हाई स्पीड वन्दे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) व स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव के लिए बनाए जाने वाले चार कोच मेंटेनेन्स डिपो (maintenance depot) में जोधपुर (Jodhpur) भी शामिल है। यह प्रदेश का पहला कोच मेंटेनेन्स डिपो व वर्कशॉप होगा। जोधपुर में वन्दे भारत ट्रेनों के लिए कोच मेंटेनेन्स डिपो अब आकार लेना शुरू करेगा। करीब 167 करोड़ की लागत से यह डिपो भगत की कोठी रेलवे स्टेशन के सेकेंड एंट्री गेट और वॉशिंग लाइन के बीच बनेगा। यह डिपो राजस्थान का पहला ऐसा डिपो होगा, जहां देश की वन्दे भारत स्लीपर ट्रेनों का रखरखाव किया जाएगा।

18 माह में बनकर तैयार होगा

कोच मेंटेनेन्स डिपो में एक समय में 3 ट्रेनों की एक साथ जांच की जा सकेगी। डिपो एरिया में वर्कशॉप क्षेत्र भी होगा, जहां सभी बोगी, व्हील और एयर ब्रेक सिस्टम का रखरखाव किया जाएगा। डिपो 18 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसमें क्रमशः 24 कोच, 16 कोच और 16 कोच की तीन रखरखाव पिट लाइन होंगी।

ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट

इस डिपो में ट्रेनों के बाहरी हिस्से की धुलाई के लिए स्वचालित कोच वॉशिंग प्लांट होगा। इसके अलावा, कोचों को उठाए बिना बोगियों को हटाने और फिट करने के लिए अत्याधुनिक ड्रॉप पिट टेबल लगाई जाएगी।

व्हील रैक और इक्यूपमेंट टेस्टिंग

वन्दे भारत पूरी तरह इलास्टिफाइड ट्रैक पर चलेगी। इसकी मेंटेनेन्स के लिए डिपो में वायरिंग का काम होगा। अलग से व्हील रैक होगी और मेंटेनेन्स इक्यूपमेंट के टेस्टिंग के लिए टेस्टिंग लैब भी बनेगी।

यह खासियतें भी होंगी:

  • डिपो और वर्कशॉप में ड्रॉप पिट टेबल का उपयोग करके बोगियों को स्थानांतरित करने की सुविधा।
  • बिना किसी बाधा के वन्दे भारत ट्रेन के पहियों को घुमाने आदि के आधुनिक उपकरण।
  • सेंट्रलाइज्ड वर्कशॉप के साथ आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा।
  • देश में चलने वाली वन्दे भारत स्लीपर ट्रेनों के स्टाफ और इंजीनियर प्रशिक्षण ले सकेंगे।
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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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