बॉलीवुड के सुपरस्टार को सांस लेने में तकलीफ के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। 89 वर्ष की उम्र में उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर ने प्रशंसकों के साथ-साथ फिल्म जगत को भी चिंतित कर दिया है। कुछ दिन पहले भी उनकी तबीयत को लेकर चर्चा हुई थी, हालांकि उस वक्त टीम ने स्पष्ट किया था कि यह सिर्फ रूटीन चेकअप था। इस बीच, उनका फिल्मी करियर एक बार फिर सुर्खियों में है खासतौर पर वह कहानी, जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा का “ही-मैन” बना दिया।

फिल्मी जगत में एक्शन और रोमांस दोनों पर समान अधिकार रखने वाले इस कलाकार ने इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड स्थापित किया था। जब बॉलीवुड में नायक का चेहरा सिर्फ रोमांस से परिभाषित होता था, तभी उन्होंने पर्दे पर एक नई छवि गढ़ी जो थी एक्शन और ताकत की। साल 1960 में फिल्म “दिल भी तेरा हम भी तेरे” से अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले इस कलाकार को शुरुआती पहचान “शोला और शबनम” से मिली। लेकिन असली स्टारडम उन्हें 1966 में आई सुपरहिट फिल्म “फूल और पत्थर” से मिला।

“फूल और पत्थर” वह फिल्म थी जिसने हिंदी सिनेमा के दर्शकों को एक नए हीरो से परिचित कराया एक ऐसा हीरो जो रोमांटिक भी था, पर भीतर से मजबूत और विद्रोही भी। इसी फिल्म में अभिनेता ने पहली बार शर्टलेस होकर स्क्रीन पर अभिनय किया, और वही पल उनकी पहचान का पर्याय बन गया। दर्शकों ने इस अंदाज़ को न सिर्फ पसंद किया बल्कि उन्हें “ही-मैन” का खिताब दे दिया। उस दौर में यह ट्रेंड इतना प्रभावशाली रहा कि इसके बाद कई सितारों ने इसी रास्ते पर चलने की कोशिश की।

यह फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई, बल्कि इसने अभिनेता की छवि को भी पूरी तरह बदल दिया। पहले उन्हें एक सॉफ्ट, रोमांटिक अभिनेता के रूप में देखा जाता था, लेकिन “फूल और पत्थर” ने उन्हें बॉलीवुड के सबसे दमदार एक्शन हीरो के रूप में स्थापित कर दिया। इसके बाद उनके करियर में कई एक्शन प्रधान फिल्में आईं “मेरा गांव मेरा देश”, “शोले”, “धर्म-वीर”, “आग ही आग” और “लोफर” जैसी फिल्मों ने उनके स्टारडम को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया।

आज, जब वह अस्पताल में हैं, उनके फैंस सोशल मीडिया पर लगातार उनके स्वास्थ्य की प्रार्थना कर रहे हैं। उनके जीवन की यह कहानी सिर्फ सिनेमा की नहीं, बल्कि उस दौर की भी है जब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक नए तरह के नायक को स्वीकारा एक ऐसा नायक, जो ताकत, भावनाओं और इंसानियत का प्रतीक बन गया।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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