कौन हैं Dhanush? ‘कोलावेरी’ से नेशनल अवॉर्ड तक, हर जगह क्यों छाया है ये स्टार
होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई छोड़ फिल्मों में आए धनुष ने अभिनय और संगीत के दम पर वैश्विक पहचान बनाई है।

चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुस्कुराते हुए अभिनेता धनुष, जिन्होंने हाल ही में फिल्म 'रायन' और अपनी आगामी परियोजनाओं को लेकर चर्चा बटोरी है।
साउथ सिनेमा का एक ऐसा नाम, जिसकी एक्टिंग, आवाज़ और स्क्रीन प्रेजेंस का जादू आज पूरी दुनिया में दिखता है, वो हैं Dhanush। इन दिनों वह अपनी फिल्म ‘रायन’, आने वाली फिल्मों और लगातार वायरल हो रहे गानों की वजह से फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनका स्टाइल, उनकी रॉ एनर्जी और इमोशनल एक्टिंग फैन्स को दीवाना बना देती है। कभी दुबले-पतले लुक को लेकर ट्रोल होने वाले धनुष आज तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिने जाते हैं। उनकी खास बात यही है कि वह हीरो कम और असली जिंदगी का इंसान ज्यादा लगते हैं, और यही कनेक्शन लोगों को उनसे जोड़ देता है।
28 जुलाई 1983 को चेन्नई में जन्मे धनुष का असली नाम वेंकटेश प्रभु कस्तूरी राजा है। उनके पिता कस्तूरी राजा फिल्ममेकर थे, जबकि भाई सेल्वाराघवन बड़े निर्देशक बने। दिलचस्प बात ये है कि धनुष कभी एक्टर बनना ही नहीं चाहते थे। उनका सपना शेफ बनने का था और वह होटल मैनेजमेंट पढ़ना चाहते थे, लेकिन भाई के कहने पर फिल्मों में कदम रखा। साल 2002 में ‘थुल्लुवाधो इलामई’ से उनका डेब्यू हुआ और फिर ‘काधल कोंडेन’ ने उन्हें रातों-रात चर्चा में ला दिया। एक परेशान और जुनूनी लड़के के किरदार में उनकी एक्टिंग ने साबित कर दिया कि यह लड़का सिर्फ स्टार नहीं, एक दमदार परफॉर्मर बनने आया है।
इसके बाद ‘पोल्लाधवन’, ‘यारादी नी मोहिनी’, ‘आडुकलम’, ‘मारी’, ‘वडा चेन्नई’, ‘असुरन’, ‘थिरुचित्रम्बलम’ और ‘वाठी’ जैसी फिल्मों ने धनुष को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। खासकर ‘आडुकलम’ और ‘असुरन’ के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला, जो किसी भी कलाकार के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। उनकी फिल्मों में अक्सर आम आदमी का दर्द, गुस्सा और संघर्ष दिखाई देता है। यही वजह है कि उनका किरदार स्क्रीन पर बनावटी नहीं लगता। ‘रांझणा’ से उन्होंने हिंदी दर्शकों का दिल जीता और कुंदन के रोल में उनकी एक्टिंग आज भी लोगों की फेवरेट मानी जाती है। इसके बाद ‘अतरंगी रे’ और हॉलीवुड फिल्म ‘द ग्रे मैन’ में नजर आकर उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी पहचान मजबूत की।
अगर एक्टिंग में धनुष कमाल हैं, तो म्यूजिक में भी उनका क्रेज अलग ही लेवल का है। ‘व्हाय दिस कोलावेरी डी’ ने उन्हें ग्लोबल इंटरनेट सेंसेशन बना दिया था। यह पहला भारतीय वीडियो बना जिसने यूट्यूब पर 100 मिलियन व्यूज पार किए। इसके बाद ‘राउडी बेबी’ ने इतिहास रच दिया और यह एक बिलियन व्यूज पाने वाला पहला साउथ इंडियन वीडियो सॉन्ग बना। धनुष सिर्फ गाते ही नहीं, बल्कि लिरिक्स भी लिखते हैं और उनकी आवाज़ में एक अलग देसी फील मिलती है, जो सीधे लोगों के दिल में उतर जाती है। उनकी यही यूनिक वाइब उन्हें बाकी स्टार्स से अलग बनाती है।
धनुष सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि निर्माता और निर्देशक भी हैं। उन्होंने अपनी कंपनी वुंडरबार फिल्म्स के जरिए कई शानदार फिल्में बनाई हैं। ‘पा. पांडी’ से उन्होंने डायरेक्शन में भी कदम रखा और वहां भी तारीफें बटोरीं। उनकी पर्सनल लाइफ भी अक्सर सुर्खियों में रही, खासकर ऐश्वर्या रजनीकांत से शादी और फिर अलगाव को लेकर। बावजूद इसके धनुष ने कभी अपने काम की रफ्तार धीमी नहीं होने दी। यही वजह है कि आज वह सिर्फ तमिल सिनेमा के स्टार नहीं, बल्कि पूरे इंडियन सिनेमा की बड़ी पहचान बन चुके हैं। आने वाले समय में वह एपीजे अब्दुल कलाम की बायोपिक में नजर आने वाले हैं, जिसे लेकर फैन्स का एक्साइटमेंट अभी से आसमान पर है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
