आजकल देसी हिप-हॉप की दुनिया में अगर किसी नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वो है धंधा न्योलीवाला। उनके गाने सोशल मीडिया से लेकर स्ट्रीट प्लेलिस्ट तक हर जगह बज रहे हैं, और उनकी रॉ वाइब ने युवाओं के बीच एक अलग ही क्रेज बना दिया है। “अप टू यू” और “अफगान” जैसे ट्रैक्स ने उन्हें सिर्फ एक रैपर नहीं, बल्कि एक कल्चर आइकन बना दिया है, जिसकी आवाज में गांव की मिट्टी और ग्लोबल बीट्स दोनों की झलक मिलती है।

हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गांव न्योली कलां में जन्मे परवीन ढांडा का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 2018 में पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद उन्होंने म्यूजिक को सीरियसली लेना शुरू किया। वहीं से उनका स्ट्रगल शुरू हुआ, जहां एक तरफ नए देश की चुनौतियां थीं, वहीं दूसरी तरफ अपनी पहचान बनाने की भूख। 2019-2020 के बीच उन्होंने अपने ट्रैक्स रिलीज करने शुरू किए और देखते ही देखते उनका देसी अंदाज लोगों के दिलों तक पहुंच गया।

धंधा न्योलीवाला की सबसे बड़ी ताकत है उनका यूनिक स्टाइल। वो हरियाणवी लिरिक्स को हार्डकोर रैप और ड्रिल बीट्स के साथ इस तरह मिलाते हैं कि हर गाना एक नई कहानी जैसा लगता है। “अफगान” से मिली पहचान के बाद “अप टू यू” ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिए, जिसे करोड़ों व्यूज मिले और वो हर युवा की प्लेलिस्ट का हिस्सा बन गया। इसके बाद “ईगो किलर” और “रशियन बंडाना” जैसे ट्रैक्स ने उनकी इमेज को और ज्यादा बोल्ड और बेबाक बना दिया।

हालांकि उनका ये बेबाक अंदाज कई बार विवादों में भी घिरा है। “रशियन बंडाना” जैसे गानों को गन कल्चर को प्रमोट करने के आरोप में प्लेटफॉर्म्स से हटाया भी गया, लेकिन इससे उनकी पॉपुलैरिटी कम नहीं हुई, बल्कि और बढ़ गई। उनकी लिरिक्स में जो रियलिटी और अनफिल्टर्ड स्टोरीटेलिंग है, वही उन्हें बाकी आर्टिस्ट्स से अलग बनाती है। वो आज के युवाओं की सोच, गुस्सा और लाइफस्टाइल को सीधे शब्दों में सामने रखते हैं।

आज धंधा न्योलीवाला को एप्पल म्यूजिक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स भी हरियाणवी ड्रिल को मेनस्ट्रीम में लाने वाले पायनियर के रूप में पहचान देते हैं। उन्होंने कोक स्टूडियो भारत जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ भी काम किया है, जो उनके टैलेंट की बड़ी पहचान है। इंडिपेंडेंट म्यूजिक की दुनिया में उन्होंने साबित कर दिया कि अगर कंटेंट दमदार हो, तो भाषा और बैकग्राउंड मायने नहीं रखते।

धंधा न्योलीवाला सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक मूवमेंट बन चुके हैं। उनका सफर गांव की गलियों से ग्लोबल स्टेज तक पहुंचने की कहानी है, जो हर उस युवा को इंस्पायर करता है जो अपने दम पर कुछ बड़ा करना चाहता है। यही वजह है कि आज हर कोई जानना चाहता है—आखिर कौन हैं ये धंधा न्योलीवाला, जिनकी आवाज हर जगह गूंज रही है।

Pratahkal Newsroom

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