आज पूरी दुनिया में अगर किसी बैंड के नाम की गूंज सबसे ज्यादा है, तो वह है कोल्डप्ले। लंदन की गलियों से निकलकर ग्लोबल सुपरस्टार बनने वाले इस बैंड की कहानी साल उन्नीस सौ छियानवे में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से शुरू हुई थी। मुख्य गायक क्रिस मार्टिन और गिटारवादक जॉनी बकलैंड की मुलाकात ने एक ऐसे सफर की नींव रखी, जिसमें आगे चलकर बेस गिटारवादक गाय बेरीमैन और ड्रमर विल चैंपियन भी शामिल हो गए। शुरू में 'बिग फैट नॉइजेस' और 'स्टारफिश' जैसे नामों से अपनी पहचान ढूंढने वाले इस ग्रुप ने जल्द ही अपना नाम कोल्डप्ले रख लिया। आज यह बैंड न केवल संगीत बल्कि अपनी अद्भुत ऊर्जा और सामाजिक सरोकारों के लिए भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

कोल्डप्ले की असली सफलता का सफर साल दो हजार में उनके पहले एल्बम 'पैराशूट्स' के साथ शुरू हुआ। इस एल्बम के सुपरहिट सिंगल 'येलो' ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया और उन्हें ब्रिट अवॉर्ड और ग्रैमी जैसे बड़े सम्मान दिलाए। इसके बाद 'ए रश ऑफ ब्लड टू द हेड' और 'एक्स एंड वाई' जैसे एल्बम्स ने संगीत जगत में उनकी पकड़ को और मजबूत किया। उनका चौथा एल्बम 'विवा ला विडा' तो एक बड़ी क्रांति साबित हुआ, जिसके टाइटल ट्रैक ने अमेरिका और ब्रिटेन दोनों देशों के चार्ट्स पर एक साथ राज किया। कोल्डप्ले की खासियत यह है कि उन्होंने खुद को कभी एक दायरे में नहीं बांधा और इलेक्ट्रॉनिका, आर एंड बी से लेकर प्रोग्रेसिव रॉक तक के साथ प्रयोग किए।

जैसे-जैसे समय बीता, कोल्डप्ले केवल एक बैंड नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक बन गया। 'मायलो जाइलोटो', 'घोस्ट स्टोरीज' और 'ए हेड फुल ऑफ ड्रीम्स' जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए उन्होंने संगीत प्रेमियों को एक नई दुनिया की सैर कराई। हाल के वर्षों में बीटीएस के साथ उनका 'माय यूनिवर्स' कोलेबोरेशन इंटरनेट पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ, जिसने साबित कर दिया कि उनकी 'वाइब' हर पीढ़ी के साथ मेल खाती है। उनके म्यूजिक ऑफ द स्फीयर्स वर्ल्ड टूर ने इतिहास रच दिया है, जो दुनिया का सबसे ज्यादा अटेंड किया जाने वाला और दूसरा सबसे ज्यादा कमाई करने वाला टूर बन गया है। इस टूर की खास बात यह है कि यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल और सस्टेनेबल तरीके से आयोजित किया जा रहा है।

कोल्डप्ले के चर्चा में रहने का एक बड़ा कारण उनका मानवीय पहलू भी है। बैंड अपनी कमाई का दस प्रतिशत हिस्सा दान करता है और जलवायु परिवर्तन से लेकर मानवाधिकारों तक के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहता है। हाल ही में भारत के अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में उनके द्वारा आयोजित किए गए शो ने इक्कीसवीं सदी में किसी भी स्टेडियम शो के मुकाबले सबसे बड़ी भीड़ का रिकॉर्ड बनाया है। उनके लाइव परफॉर्मेंस की जादुई रोशनी, एलईडी रिस्टबैंड्स और क्रिस मार्टिन की मंच पर बेमिसाल एनर्जी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। उनके हालिया एल्बम 'मून म्यूजिक' ने भी चार्ट्स पर टॉप करके यह दिखा दिया है कि कोल्डप्ले का जलवा आज भी बरकरार है।

कुल मिलाकर, कोल्डप्ले एक ऐसा सफर है जो संघर्ष से शुरू होकर शिखर तक पहुँचा है। उनके गीतों में जहां 'फिक्स यू' जैसा सुकून है, वहीं 'एडवेंचर ऑफ अ लाइफटाइम' जैसी मस्ती भी। दुनिया भर में एक सौ साठ मिलियन से ज्यादा रिकॉर्ड्स बेचने वाले इस बैंड ने न केवल रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। चाहे उनकी संगीत शैली हो या उनका सस्टेनेबिलिटी को लेकर जुनून, कोल्डप्ले हर मायने में एक 'पायनियर' बैंड है। उनकी यही कलाकारी और दुनिया को बेहतर बनाने की सोच उन्हें आज के दौर का सबसे बड़ा और सबसे चहेता ग्रुप बनाती है।

Pratahkal Newsroom

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