भारत में ऑस्कर फिल्म पर सेंसर का झटका ; जानें क्यों 'द वॉइस ऑफ हिंद राजाब' पर लगा बैन
भारत ने ऑस्कर-नामांकित फिल्म 'द वॉइस ऑफ हिंद राजाब' की रिलीज़ पर रोक लगा दी है। यह फिल्म गाजा में पांच वर्षीय हिंद राजाब की मौत पर आधारित है। रोक के पीछे भारत-इज़राइल कूटनीतिक संबंधों की चिंता बताई जा रही है, जिससे सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस शुरू हो गई।

द वॉइस ऑफ हिंद राजाब फिल्म
भारत ने हाल ही में ऑस्कर-नामांकित फिल्म 'द वॉइस ऑफ हिंद राजाब' की रिलीज़ पर रोक लगा दी है, जिससे सेंसरशिप, कूटनीतिक संबंध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर व्यापक बहस शुरू हो गई है। यह फिल्म गाजा में पांच वर्षीय बच्ची हिंद राजाब की मौत की वास्तविक घटनाओं और आपातकालीन कॉल रिकॉर्डिंग पर आधारित है, और अपनी भावनात्मक कहानी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही जा चुकी है।
मुख्य घटना:
फिल्म को रिलीज़ के लिए प्रमाणित करने वाली संस्था, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इसे रिलीज़ के लिए मंजूरी देने से इंकार कर दिया। इस निर्णय के कारण फिल्म थिएटरों में प्रदर्शित नहीं हो सकेगी। फिल्म में दर्शाया गया है कि कैसे गाजा संघर्ष के दौरान मात्र पांच वर्ष की बच्ची हिंद राजाब की जान चली गई, और इसकी कहानी वास्तविक घटनाओं और कॉल रिकॉर्डिंग के माध्यम से प्रस्तुत की गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस फैसले के पीछे भारत-इज़राइल कूटनीतिक संबंधों को ध्यान में रखना मुख्य कारण था। एक वितरक ने बताया कि अधिकारियों ने संकेत दिया कि फिल्म की रिलीज़ इज़राइल के साथ संबंधों में तनाव उत्पन्न कर सकती है।
संदर्भ और विवाद:
इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज़ किया जा चुका है, जिन देशों ने इज़राइल के साथ कूटनीतिक संबंध बनाए रखे हैं। भारत में रिलीज़ पर रोक लगने के बाद कई आलोचनाएं भी सामने आई हैं। वरिष्ठ राजनेता शशि थरूर ने इस निर्णय को “बेहद शर्मनाक” बताया। आलोचकों का तर्क है कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
फिल्म के बारे में:
- निर्देशक: कौथर बेन हानिया
- ऑस्कर नामांकन: बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म
- विशेषता: वास्तविक आपातकालीन कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर भावनात्मक और संवेदनशील कहानी
यह कदम भारतीय फिल्म जगत और कूटनीतिक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है, और यह स्पष्ट करता है कि राजनीतिक संवेदनाओं के कारण कला और अभिव्यक्ति पर कभी-कभी प्रतिबंध लग सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
