15 साल बाद सेलिना जेटली बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। राम कमल मुखर्जी निर्देशित सिस्टर निवेदिता की बायोपिक में वह स्वामी विवेकानंद की शिष्या का किरदार निभाएंगी। अभिनेत्री ने इस भूमिका, अपने बचपन की यादों और भारत से अपने गहरे जुड़ाव पर खुलकर बात की।

अभिनेत्री सेलिना जेटली 15 साल बाद एक पूर्णकालिक भूमिका के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही हैं। वह निर्देशक राम कमल मुखर्जी की आगामी बायोपिक में स्वामी विवेकानंद की श्रद्धेय शिष्या सिस्टर निवेदिता का किरदार निभाती नजर आएंगी। सेलिना ने इस भूमिका को अपने अभिनय करियर के सबसे अर्थपूर्ण अनुभवों में से एक बताया है।

हिंदुस्तान टाइम्स से विशेष बातचीत में सेलिना जेटली ने कहा कि यह फिल्म उनके लिए बेहद निजी यात्रा रही है। उन्होंने बताया कि राम कमल मुखर्जी जैसे दूरदर्शी निर्देशक के साथ काम करना उनके अब तक के सभी अभिनय अनुभवों से अलग रहा है। उन्होंने कहा, "राम जैसे विजनरी फिल्ममेकर के साथ काम करना मेरे लिए किसी भी अन्य अभिनय अनुभव जैसा नहीं है। उनके स्तर के निर्देशक के साथ आप केवल किसी किरदार का अभिनय नहीं करते, बल्कि स्वयं को उस दौर की आत्मा बनने के लिए समर्पित कर देते हैं।"

सिस्टर निवेदिता का जन्म वर्ष 1867 में आयरलैंड में मार्गरेट नोबल के रूप में हुआ था। उनकी पहली मुलाकात वर्ष 1895 में लंदन में स्वामी विवेकानंद से हुई थी, जिसके बाद वह भारत आईं। वर्ष 1898 में उन्हें स्वामी विवेकानंद ने अपनी शिष्या के रूप में दीक्षित किया और "निवेदिता" नाम दिया। इसके बाद उन्होंने अपना जीवन शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

सेलिना जेटली ने कहा कि उनके लिए सिस्टर निवेदिता का किरदार निभाना केवल एक ऐतिहासिक चरित्र का अभिनय करना नहीं है। उन्होंने कहा, "सिस्टर निवेदिता का किरदार निभाना किसी भूमिका से कम और एक पुकार का उत्तर देने जैसा महसूस होता है।"

अभिनेत्री ने बताया कि सिस्टर निवेदिता से उनका जुड़ाव बचपन से रहा है। उन्होंने याद किया कि जब उनके पिता की पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के बिनागुड़ी में थी, तब वह अपने माता-पिता के साथ सैन्य काफिलों के जरिए अक्सर दार्जिलिंग जाया करती थीं। इस दौरान उनका परिवार कई बार रॉय विला में रुकता था, जहां सिस्टर निवेदिता ने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे।

उन्होंने कहा, "मेरे पिता की पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के बिनागुड़ी में थी। मैं अपने माता-पिता के साथ अक्सर सैन्य काफिलों के जरिए दार्जिलिंग जाया करती थी और जिन जगहों पर हम रुकते थे, उनमें रॉय विला भी शामिल था, जहां सिस्टर निवेदिता ने अपने अंतिम दिन बिताए। मेरे माता-पिता वहां के परिसर में घूमते थे और सैन्य काफिले भी रॉय विला की अद्भुत ऊर्जा और दृश्य का आनंद लेने के लिए रुकते थे। पीछे मुड़कर देखती हूं तो महसूस होता है कि उस जगह ने हमेशा मुझे भीतर तक प्रभावित किया।"

सेलिना ने बताया कि उनकी मां ने ही पहली बार उन्हें सिस्टर निवेदिता के असाधारण जीवन के बारे में बताया था। उन्होंने कहा, "मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन भविष्य में मुझे यह भूमिका निभाने के लिए चुना जाएगा। अब मुझे लगता है कि शायद सिस्टर निवेदिता स्वयं उस छोटी लड़की को बुला रही थीं, जिसने केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई की थी।"

अपने जीवन पर बात करते हुए सेलिना जेटली ने कहा कि यूरोप में 15 वर्ष बिताने के बाद भारत लौटना उनके लिए अपनी जड़ों और सनातन धर्म से दोबारा जुड़ने जैसा रहा। उन्होंने कहा, "जीवन में बिंदु इस तरह जुड़ते हैं कि उनका अर्थ बाद में समझ आता है। यूरोप में 15 वर्ष बिताने के बाद भारत लौटना, अपनी जड़ों, सनातन धर्म और खुद को केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं बल्कि एक इंसान के रूप में फिर से खोज पाना... एक बेहद सुंदर कहावत है जो मुझे गहराई से छूती है— मां काली आपको दंड देने के लिए नहीं तोड़तीं, बल्कि इसलिए तोड़ती हैं ताकि वह आपको फिर से संपूर्ण बना सकें।"

सेलिना ने कहा कि सिस्टर निवेदिता की सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि उनका जन्म भारत में नहीं हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने अस्तित्व के हर पहलू से भारत को चुना। उन्होंने कहा, "उन्होंने स्वयं को पूरी तरह एक सभ्यता, उसके लोगों, उसके आध्यात्मिक दर्शन और सबसे बढ़कर उसके मिशन के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने केवल भारत की प्रशंसा नहीं की, बल्कि भारत के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।"

अभिनेत्री ने महिलाओं की शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के प्रति सिस्टर निवेदिता की प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "एक महिला होने के नाते मैं उनके साहस से गहराई से प्रेरित हूं, खासकर उन व्यक्तिगत पीड़ाओं के बीच जिनसे मैं हाल के समय में गुजर रही हूं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा का समर्थन किया, महामारी के दौरान अथक सेवा की, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया और माना कि महिलाओं को सशक्त बनाना एक शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण के लिए आवश्यक है।"

फिल्म निर्माताओं ने फिलहाल सेलिना जेटली अभिनीत इस आगामी बायोपिक की रिलीज़ डेट की घोषणा नहीं की है।

Pratahkal Newsroom

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