कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अक्सर पश्चिमी परिधानों और आधुनिक फैशन का बोलबाला रहता है, लेकिन इस वर्ष भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की एक ऐसी अनूठी झलक देखने को मिली जिसने वैश्विक मंच पर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वृंदावन की बेटी आरती खेतरपाल ने कान्स के प्रतिष्ठित मंच पर सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं का प्रतिनिधित्व कर एक नया इतिहास रच दिया है। जहां अब तक इस अंतरराष्ट्रीय समारोह में बॉलीवुड अभिनेत्रियों के ग्लैमर की चर्चा हो रही थी, वहीं आरती खेतरपाल ने अपने पारंपरिक देसी अवतार से भारतीय जड़ों की गहराई को प्रदर्शित किया।

आरती खेतरपाल ने अपने कान्स डेब्यू के लिए जिस परिधान का चयन किया, वह केवल एक वस्त्र नहीं बल्कि कला और आस्था का संगम था। उन्होंने सुलक्षणा मोंगा द्वारा डिजाइन किया गया 'वृंदावन थीम' वाला कस्टम मेड लहंगा पहना था। पीले और सुनहरे रंगों के मेल वाले इस लहंगे पर हाथ से की गई पेंटिंग्स के माध्यम से वृंदावन की कुंज गलियों, मंदिरों, यमुना के तट और गोपियों के मनोरम दृश्यों को उकेरा गया था। लहंगे की घेराबंदी और उस पर बारीक रेशमी धागों का काम भारतीय हस्तशिल्प की उत्कृष्टता को दर्शा रहा था, जिसने रेड कार्पेट पर मौजूद अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफरों और फैशन समीक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

लुक को और भी विशिष्ट बनाने के लिए आरती ने आध्यात्मिक प्रतीकों का सहारा लिया। उनके गले में तुलसी की माला और हाथ में श्रीमद्भगवद्गीता नजर आई, जो यह संदेश दे रही थी कि आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान को गर्व के साथ वैश्विक मंच पर ले जाया जा सकता है। उनके श्रृंगार में पोल्की ज्वेलरी का उपयोग किया गया था, जिसमें लाल और हरे पत्थरों की नक्काशी उनके वी-नेक ब्लाउज को पूरक बना रही थी। ब्लाउज पर की गई हैवी एम्ब्रॉयडरी और फ्लोरल पैटर्न ने उनके लुक को राजसी ठाट प्रदान किया।

आरती के इस पूरे लुक का सबसे चर्चित हिस्सा उनका 'गोमुखी' (चेंटिंग बैग) रहा। लाल रंग के इस कस्टम मेड गोमुखी पर 'हरे राम हरे कृष्ण' महामंत्र अंकित था और साथ ही बांसुरी बजाते भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक छवि बनी हुई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस समारोह में हाथ में गोमुखी लेकर चलना एक साहसी और सांस्कृतिक रूप से प्रभावशाली कदम माना जा रहा है। उन्होंने सिद्ध किया कि भारतीय दर्शन और अध्यात्म केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे फैशन और कला के माध्यम से भी दुनिया के सामने रखा जा सकता है।

आर्टिकल के अंत में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि आरती खेतरपाल की इस प्रस्तुति ने कान्स के रेड कार्पेट पर सनातन धर्म की गूंज पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर उनके लुक्स की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और भारतीय समुदाय उनकी इस पहल की सराहना कर रहा है। फैशन की दुनिया में जहां हर साल नए प्रयोग होते हैं, वहां आरती ने 'वृंदावन' को केंद्र में रखकर यह साबित कर दिया कि भारतीय विरासत से बढ़कर कोई स्टाइल स्टेटमेंट नहीं हो सकता। उनकी इस यात्रा ने भविष्य के कलाकारों के लिए सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व का एक नया पैमाना स्थापित किया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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