: इस स्वतंत्रता दिवस पर ज़ी सिनेमा भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, देशभक्ति और बलिदान को समर्पित फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर लेकर आ रहा है। जेपी दत्ता की प्रतिष्ठित फिल्म ‘बॉर्डर’ की विरासत को आगे बढ़ाते हुए बनी ‘बॉर्डर 2’ भव्य पैमाने, दमदार कहानी और भावनात्मक प्रस्तुति के साथ दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रही है। अब यह फिल्म पहली बार 15 अगस्त को शाम 7:30 बजे केवल ज़ी सिनेमा पर प्रसारित होगी।

फिल्म ने अपनी सशक्त कहानी, भावनात्मक गहराई और भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित श्रद्धांजलि के दम पर देशभर के दर्शकों का दिल जीता और बॉक्स ऑफिस पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। अब यही गर्व, देशभक्ति और बलिदान का भाव टेलीविजन के माध्यम से देशभर के परिवारों तक पहुंचेगा।

फिल्म में सनी देओल ने एक बार फिर केंद्रीय भूमिका निभाई है और अपनी प्रभावशाली अदाकारी से युद्ध और भावनाओं से जुड़ी इस कहानी को मजबूती दी है। उनके साथ वरुण धवन अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण किरदारों में से एक निभाते नजर आएंगे। दिलजीत दोसांझ रणभूमि में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हैं, जबकि अहान शेट्टी अपने अभिनय सफर के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर अहम भूमिका निभा रहे हैं। निर्देशक अनुराग सिंह ने इस बार कहानी को पहले से कहीं बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया है, जहां विशाल युद्ध, प्रभावशाली एक्शन और भारतीय जवानों का साहस, हिम्मत और जज्बा कहानी को भव्य रूप प्रदान करता है।

फिल्म अपने मूल स्वरूप में केवल एक युद्ध कथा नहीं, बल्कि युद्ध की पृष्ठभूमि में बुनी गई एक पारिवारिक कहानी है। यही कारण है कि स्वतंत्रता दिवस पर इसे भारत के हर परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता द्वारा निर्मित तथा टी-सीरीज़ और जे. पी. फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म उन भावनाओं और संघर्षों को दर्शाती है, जिनसे एक परिवार तब गुजरता है जब उसका बेटा देशसेवा के लिए घर छोड़ने का निर्णय लेता है।

यह कहानी उन परिवारों के साहस को भी सामने लाती है, जो भारी मन से अपने प्रियजनों को देश की रक्षा के लिए विदा करते हैं। साथ ही यह उन सैनिकों की कहानी भी है, जो खून के रिश्तों से नहीं बल्कि विश्वास, कर्तव्य और भाईचारे के बंधन से एक-दूसरे का परिवार बन जाते हैं। रणभूमि में उनका साथ और घर पर परिवारों का धैर्य एवं उम्मीद इस कहानी को भावनात्मक गहराई प्रदान करता है। फिल्म उन वीर जवानों को भी सलाम करती है, जो अपने गांव, अपनी मां और अपने देश से किए वादे को निभाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने से पीछे नहीं हटते। इसी भावना के साथ यह फिल्म इस स्वतंत्रता दिवस पर टेलीविजन के माध्यम से हर घर तक पहुंचेगी।

सनी देओल ने कहा, “मेरे पिता के लिए ‘हकीकत’ जो थी, मेरे लिए ‘बॉर्डर’ वही है। ‘बॉर्डर 2’ हमारी सशस्त्र सेनाओं का उत्सव है, उनके साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है, और उनकी वीरता तथा अटूट प्रतिबद्धता को सम्मान देने का प्रयास है। यह सिर्फ़ एक फिल्म नहीं है जिसका प्रीमियर 15 अगस्त को हो रहा है। यह हर घर तक पहुँचने वाला एक संदेश है, जो हमें याद दिलाता है कि यह तारीख़ हमारे लिए वास्तव में क्या मायने रखती है, और आज भी हमसे क्या अपेक्षा करती है।”

वरुण धवन ने कहा, “बचपन में ‘बॉर्डर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि पूरी पीढ़ी की भावना थी। ‘बॉर्डर 2’ का हिस्सा बनना उस विरासत से जुड़ने जैसा था, जिससे करोड़ों लोगों की यादें जुड़ी हैं। सनी सर के साथ उस दुनिया का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद खास, प्रेरणादायक और थोड़ा डराने वाला भी था। लेकिन जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा छुआ, वह यह थी कि यह फिल्म जंग से ज्यादा भाईचारे की कहानी है। सेट पर मेरे सबसे पसंदीदा पल एक्शन सीक्वेंस नहीं थे, बल्कि वे भावनात्मक दृश्य थे, जिनमें मैं, दिलजीत और अहान तीन जवानों के रूप में अपने घर और अपने पीछे छूटे अपनों के बारे में बात करते नजर आते हैं। वही इस फिल्म की असली धड़कन है। मुझे उम्मीद है कि जब 15 अगस्त को पूरा परिवार इसे साथ बैठे देखकर महसूस करेगा, तो उन्हें भी वही गर्व और गला भर आने वाला एहसास होगा, जो मुझे स्क्रिप्ट पढ़ते समय हुआ था।”

अहान शेट्टी ने कहा, “‘बॉर्डर’ जैसी बड़ी और यादगार फ्रेंचाइज़ी का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है और मैं इसकी अहमियत अच्छी तरह समझता हूं। शूटिंग शुरू होने से पहले मैंने ऐसे कई लोगों से बात की, जो जानते हैं कि अपने घर से निकलकर देश के लिए जीना क्या होता है। मैंने उन्हीं एहसासों को हर सीन में उतारने की कोशिश की। मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि कैमरे के पीछे वरुण, दिलजीत और मेरे बीच जो भाईचारा बना, वही पर्दे पर भी साफ दिखाई देता है, क्योंकि वह बिल्कुल सच्चा है। यह फिल्म अपनी जंग के लिए जितनी बड़ी है, उससे कहीं ज्यादा अपने जज़्बात के लिए याद रखी जाएगी। शायद यही वजह है कि इसे स्वतंत्रता दिवस पर पूरे परिवार के साथ घर में बैठकर देखना सबसे खास अनुभव होगा।”

निर्देशक अनुराग सिंह ने कहा, “‘बॉर्डर’ जैसी पसंदीदा फिल्म का सीक्वल बनाना आसान नहीं था। सबसे बड़ी चुनौती एक्शन नहीं, बल्कि उसी एहसास को बरकरार रखना था। हमने अपनी पूरी मेहनत उसी पर लगाई। ‘बॉर्डर 2’ का कैनवास पहले से कहीं बड़ा है। हमने कहानी को फ्रेंचाइज़ी के इतिहास में सबसे बड़े स्तर पर पेश किया है, लेकिन इसकी रूह बिल्कुल पहली फिल्म जैसी ही है। परिवार की विदाई, रणभूमि में बने भाईचारे का रिश्ता और देश के लिए लड़ने वाले जवानों का अटूट हौसला। मेरी कोशिश थी कि यह फिल्म एक ऐसी विरासत बने, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचे, ठीक वैसे ही जैसे पिछले करीब तीस सालों से ‘बॉर्डर’ हर भारतीय परिवार का हिस्सा रही है। 15 अगस्त को इसका टेलीविजन प्रीमियर होना ऐसा लगता है जैसे यह कहानी आखिरकार अपने असली घर लौट आई हो।”

‘बॉर्डर 2’ भारतीय जवानों के साहस, बलिदान और अटूट हिम्मत की ऐसी कहानी है, जिसने बड़े कैनवास, प्रभावशाली कहानी और दमदार कलाकारों के कारण इस वर्ष की सबसे चर्चित फिल्मों में अपनी जगह बनाई। 15 अगस्त को ज़ी सिनेमा पर इसका वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर केवल एक टेलीकास्ट नहीं, बल्कि देशभर के परिवारों के लिए एक साथ बैठकर अपने वीर जवानों को नमन करने और भारत के जज़्बे का उत्सव मनाने का अवसर होगा। इस स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त, शनिवार शाम 7:30 बजे, सरहद से हर घर तक एक ही आवाज़ गूंजेगी—हिंदुस्तान! हिंदुस्तान!! हिंदुस्तान!!!

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