कौन हैं Boman Irani? हर किरदार में जान फूंक देने वाला बॉलीवुड का असली जादूगर
मुन्ना भाई के 'अस्थाना' से निर्देशक बनने तक बोमन ईरानी का बहुमुखी फिल्मी सफर और उनके जीवन के संघर्षों का पूरा विवरण।

अनुभवी अभिनेता बोमन ईरानी, जिन्होंने हाल ही में फिल्म 'द मेहता बॉयज़' के साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा है।
आजकल फिर से Boman Irani का नाम हर तरफ छाया हुआ है। वजह है उनका डायरेक्टोरियल डेब्यू ‘द मेहता बॉयज़’, जिसने दर्शकों को इमोशंस, फैमिली ड्रामा और शानदार एक्टिंग का ऐसा कॉम्बिनेशन दिया कि लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। बॉलीवुड में ऐसे कलाकार कम हैं जो कॉमेडी भी कर लें, विलेन भी बन जाएं और इमोशनल रोल में भी दिल जीत लें, लेकिन बोमन ईरानी उन चुनिंदा एक्टर्स में शामिल हैं जिनकी स्क्रीन प्रेजेंस हर बार अलग ही लेवल का असर छोड़ती है। यही वजह है कि तीन दशक से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी उनका स्टारडम कम नहीं हुआ।
मुंबई के एक पारसी परिवार में जन्मे बोमन ईरानी की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। उनके जन्म से पहले ही पिता का निधन हो गया था और बचपन में उन्हें डिस्लेक्सिया जैसी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को लगातार बेहतर बनाया। स्कूल खत्म करने के बाद उन्होंने होटल मैनेजमेंट से जुड़ा कोर्स किया और अपनी मां की बेकरी व नमकीन की दुकान भी संभाली। बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में आने से पहले बोमन एक शानदार फोटोग्राफर भी थे। ताज होटल में काम करने के दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स फोटोग्राफी शुरू की और धीरे-धीरे इंडियन बॉक्सिंग एसोसिएशन के ऑफिशियल फोटोग्राफर बन गए। कैमरे के पीछे काम करते-करते उनके अंदर का कलाकार एक्टिंग की तरफ खिंचता चला गया।
थिएटर से अपने एक्टिंग सफर की शुरुआत करने वाले बोमन ईरानी ने लंबे समय तक स्टेज पर मेहनत की। टीवी सीरियल्स और विज्ञापनों में काम करने के बाद उन्हें फिल्मों में पहचान मिली। लेकिन असली गेम-चेंजर बनी ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’। डॉक्टर अस्थाना का उनका किरदार आज भी बॉलीवुड के सबसे आइकॉनिक कॉमिक रोल्स में गिना जाता है। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘मैं हूं ना’, ‘वीर-जारा’, ‘लगे रहो मुन्ना भाई’, ‘डॉन’, ‘खोसला का घोसला’, ‘दोसताना’, ‘थ्री इडियट्स’, ‘पीके’, ‘हाउसफुल’, ‘संजू’, ‘ऊंचाई’ और ‘डंकी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने हर बार अपने अभिनय का नया रंग दिखाया। खास बात यह रही कि चाहे किरदार छोटा हो या बड़ा, बोमन ईरानी हर सीन में अपनी अलग छाप छोड़ जाते हैं।
अगर बॉलीवुड में किसी अभिनेता को “वर्सेटाइल” शब्द का असली मतलब कहा जाए तो वो बोमन ईरानी ही हैं। ‘थ्री इडियट्स’ के सख्त और डरावने “वायरस” को लोग आज भी नहीं भूले हैं। वहीं ‘मुन्ना भाई’ का कॉमिक अंदाज और ‘डॉन’ में उनका ग्रे शेड किरदार भी दर्शकों के दिमाग में बसा हुआ है। उन्होंने सिर्फ हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि मराठी, तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई। उनकी कॉमिक टाइमिंग इतनी नेचुरल है कि हर पीढ़ी का दर्शक उनसे जुड़ जाता है। यही वजह है कि उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड और कई आईफा अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया।
एक्टर होने के साथ-साथ बोमन ईरानी एक शानदार मेंटर और क्रिएटिव माइंड भी हैं। उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘ईरानी मूवीटोन’ शुरू की और नई कहानियों को मौका दिया। कोरोना काल के दौरान उन्होंने ‘स्पाइरल बाउंड’ नाम का मास्टरक्लास शुरू किया, जहां नए और प्रोफेशनल राइटर्स को स्क्रीनराइटिंग की ट्रेनिंग दी जाती है। आज उनके इस प्लेटफॉर्म से हजारों लोग सीख चुके हैं। यही नहीं, वे कई बड़े ब्रांड्स के फेस भी रहे हैं और इंडस्ट्री में उनकी इमेज एक बेहद पॉजिटिव और सम्मानित कलाकार की है।
आज जब बॉलीवुड में कंटेंट और एक्टिंग को लेकर नई बहस छिड़ी हुई है, तब Boman Irani जैसे कलाकार लोगों को याद दिलाते हैं कि असली स्टार वही होता है जो हर किरदार को अपनी आत्मा से निभाए। चाहे कॉमेडी हो, इमोशन हो या गंभीर अभिनय, बोमन ईरानी हर बार साबित करते हैं कि टैलेंट उम्र का मोहताज नहीं होता। यही वजह है कि उनका हर नया प्रोजेक्ट आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो जाती है और फैंस फिर से उनके जादू में खो जाते हैं।

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