भीलवाड़ा में 8 जून से शुरू होगा सात दिवसीय विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ
पुरुषोत्तम मास के अवसर पर छोटी हरणी के काठियाबाबा आश्रम में पहली बार होने वाले इस भव्य अनुष्ठान में 111 कलश सिद्ध किए जाएंगे और प्रतिदिन रासलीला होगी।

भीलवाड़ा के छोटी हरणी हनुमान टेकरी स्थित काठियाबाबा आश्रम में 8 से 14 जून 2026 तक आयोजित होने वाले सात दिवसीय विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ की जानकारी देता आधिकारिक आमंत्रण पोस्टर, जिसमें महंत बनवारी शरण जी महाराज (बाएं) और आचार्य पंडित मुकेश शास्त्री (दाएं) नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा, 30 मई। धर्मनगरी भीलवाड़ा के आध्यात्मिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर शहर में पहली बार सात दिवसीय भव्य विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ का ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। यह वृहद धार्मिक अनुष्ठान छोटी हरणी हनुमान टेकरी स्थित विख्यात काठियाबाबा आश्रम में आयोजित किया जाएगा। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के पावन सान्निध्य में होने वाले इस महायज्ञ को लेकर आश्रम परिसर में व्यापक स्तर पर तैयारियां और भव्य पांडाल निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है। 8 जून से शुरू होने वाले इस महायज्ञ की पूर्णाहुति 14 जून को होगी, जिसे लेकर संपूर्ण क्षेत्र के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
इस महायज्ञ के सफल संचालन के लिए श्रीधाम वृन्दावन के सुप्रसिद्ध यज्ञाचार्य आचार्य श्री मुकेश अवस्थी महाराज भीलवाड़ा पधार रहे हैं, जिनके निर्देशन में संपूर्ण वैदिक अनुष्ठान संपन्न होगा। आध्यात्मिक संगीत और कला के संगम के रूप में, महायज्ञ के साथ-साथ प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से वृन्दावन के प्रख्यात कलाकारों द्वारा भक्तिपूर्ण रासलीला की मनमोहक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा ने इस आयोजन के विशेष महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुरुषोत्तम मास में भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से इस महायज्ञ के दौरान 111 विशेष कलशों को लक्ष्मी स्रोत के वैदिक मंत्रों से सिद्ध किया जाएगा। यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत ये सिद्ध महालक्ष्मी कलश मुख्य यजमानों को ससम्मान प्रदान किए जाएंगे।
धार्मिक और राष्ट्र कल्याण के दृष्टिकोण से यह महायज्ञ अत्यंत विशिष्ट है। यज्ञ में विशेष प्रकार की दुर्लभ औषधियों से आहुतियां दी जाएंगी, जिसका मुख्य उद्देश्य दसविद् लक्ष्मी प्राप्ति, ऋण मुक्ति, असाध्य रोगों का नाश और समूचे राष्ट्र का कल्याण सुनिश्चित करना है। इस भव्य महोत्सव का विधिवत शुभारंभ 8 जून को सुबह 8 बजे छोटी हरणी स्थित श्री चारभुजानाथ मंदिर से निकलने वाली भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। यह कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई यज्ञ मण्डप तक पहुंचेगी, जिसके बाद यज्ञ मण्डप प्रवेश, देव स्थापना पूजन और पारंपरिक अग्नि मंथन के साथ महायज्ञ की आहुतियां प्रारंभ होंगी।
आयोजन की कड़ियों को विस्तार देते हुए यज्ञाचार्य के अनुसार, 9 जून को विशेष पूजन के तहत गुड़, केसर, अनार, हरिद्रा (हल्दी) सहित अनेक प्रकार के पवित्र द्रव्यों से महाहवन संपन्न किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन यजमान आहुतियां देंगे। इस भव्य सात दिवसीय आयोजन का समापन 14 जून को अत्यंत पवित्र अभिजीत मुहूर्त में महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ होगा। महाआरती के पश्चात उपस्थित जनसमुदाय और श्रद्धालुओं में महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा ने बताया कि इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस भव्य महायज्ञ को पूरी तरह सफल बनाने में छोटी हरणी के ग्रामवासियों और स्थानीय आयोजन समिति द्वारा तन-मन-धन से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जो भीलवाड़ा की सांस्कृतिक एकता को रेखांकित करता है।

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