बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की बहुप्रतिक्षित फिल्म 'बंटवारा 1947' स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म के रिलीज होने के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। पहले दिन का पहला शो देखकर बाहर निकल रहे दर्शकों ने इस फिल्म की जमकर तारीफ की है। सिनेमाघरों के बाहर मौजूद दर्शकों का कहना है कि यह फिल्म देखने लायक है और इसके दृश्य सीधे दिल को छू जाते हैं। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म के साथ इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन' भी रिलीज हुई है, जिससे दर्शकों के पास इस समय दो विकल्प मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद सनी देओल की इस फिल्म को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

प्रसिद्ध निर्देशक राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी भारत के दर्दनाक बंटवारे के दौर पर आधारित है। फिल्म की पटकथा एक ऐसे साधारण परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी हंसती-खेलती जिंदगी देश के विभाजन के दौरान फैली हिंसा, डर और जबरन पलायन की वजह से पूरी तरह तबाह हो जाती है। कहानी के माध्यम से उन लाखों बेकसूर लोगों के संघर्ष और पीड़ा को पर्दे पर उतारा गया है, जिन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन और पुरानी जिंदगी को छोड़कर रातों-रात अनजान जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था और शून्य से अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करनी पड़ी थी।

सिनेमाघरों से बाहर आ रहे दर्शकों ने सोशल मीडिया पर अपने रिव्यू शेयर करते हुए कहा है कि फिल्म का माहौल बिल्कुल वैसा ही है जैसा कभी सनी देओल की फिल्म 'गदर' के समय देखने को मिला था। एक दर्शक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह बंटवारा वास्तव में हिंदुस्तान और पाकिस्तान को एक कर सकता था, और जिस शानदार तरीके से राजकुमार संतोषी ने इसका निर्देशन किया है, उसे देखकर सिनेमाघरों में 'गदर' वाला माहौल बन गया है। दर्शकों ने इसे पूरी तरह से पैसा वसूल, मजेदार और ब्लॉकबस्टर फिल्म बताया है। लोगों का यह भी कहना है कि फिल्म का सबसे बेहतरीन हिस्सा खुद सनी देओल हैं, और जहां सनी देओल होते हैं वहां लोग सिर्फ सीटियां और तालियां बजाते हैं।

फिल्म समीक्षकों और शुरुआती दर्शकों का मानना है कि इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी मजबूत कहानी और गहरे जज्बात हैं। एक अन्य यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसी भी फिल्म की शुरुआत कैसी भी हो, लेकिन अगर वह दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब हो जाती है, तो उसे कोई नहीं रोक सकता। 'बंटवारा 1947' के शुरुआती रिव्यू आने वाले दिनों के लिए मजबूत उम्मीद जगा रहे हैं और अब इस फिल्म की सफलता का मुख्य आधार 'वर्ड ऑफ माउथ' यानी लोगों की जुबानी प्रचार बनेगा।

यह फिल्म केवल हिंसा और दर्द की दास्तान नहीं है, बल्कि यह यह भी दिखाती है कि जब पूरे समाज में डर और नफरत का माहौल बढ़ रहा था, तब भी कुछ ऐसे लोग थे जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर इंसानियत को सबसे ऊपर रखा। फिल्म के जरिए उस दौर की बची हुई उम्मीद और आम इंसानों के कड़े संघर्ष को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर लाने का प्रयास किया गया है।

फिल्म की स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें सनी देओल के साथ-साथ शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह जैसे मंजे हुए कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। अभिनेत्री प्रीति जिंटा के लिए यह फिल्म और भी अधिक खास है, क्योंकि इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्होंने करीब आठ साल के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी की है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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