ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने अपनी आने वाली फिल्म के गाने 'मंगल रंग' को लेकर मिल रही प्रतिक्रियाओं और आलोचनाओं पर खुलकर बात की है। इस बार उन्होंने अपने संगीत की तुलना दिलचस्प तरीके से 'अचार' से की है और कहा है कि कुछ चीजें पुरानी होने के बाद ही अपना असली स्वाद और रंग दिखाती हैं। रहमान का मानना है कि वे खुद अपने सबसे बड़े आलोचक हैं और हर रचनात्मक फैसले से हर किसी को खुश करना संभव नहीं होता।

'मंगल रंग' और उस पर छिड़ी बहस

फिल्ममेकर नितेश तिवारी की आने वाली बहुचर्चित फिल्म 'रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड' (रामायणम्) के गाने 'मंगल रंग' को लेकर सुनने वालों के बीच सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई थी। कुछ लोगों ने यह सवाल उठाया कि इस पौराणिक महाकाव्य से जुड़े गाने में कव्वाली जैसा संगीत क्यों इस्तेमाल किया गया है।

'द इंडियन एक्सप्रेस' को दिए गए एक इंटरव्यू में इन आलोचनाओं का बेबाकी से जवाब देते हुए एआर रहमान ने स्पष्ट किया कि वे जो कुछ भी बनाते हैं, उसे तुरंत ही अंतिम या सौ प्रतिशत सही नहीं मान लेते। उन्होंने कहा, "मैं खुद का पहला आलोचक हूँ। ऐसा नहीं है कि मैं जो कुछ भी करता हूँ, मुझे वह सब तुरंत पसंद आ जाए।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कई बार कुछ संगीत विचारों और धुनों पर महीनों तक काम करना पड़ता है, तब जाकर उन्हें सही रूप मिल पाता है।

रहमान ने दिया अचार का अनूठा उदाहरण

यह समझाते हुए कि कैसे कुछ कलाकृतियाँ या रचनाएँ समय बीतने के साथ अपनी असली क्षमता और खूबसूरती को जाहिर करती हैं, संगीतकार ने एक बहुत ही अनोखी तुलना पेश की। उन्होंने कहा कि कभी-कभी इंसान को मानव-विज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी) को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

उन्होंने आगे कहा, "कभी-कभी, आपको किसी चीज को बस वैसे ही छोड़ देना चाहिए, जैसे कि अचार: कुछ धुनें जितनी पुरानी होती हैं, उतनी ही बेहतर होती जाती हैं।" रहमान का साफ कहना था कि एक संगीतकार जनता की हर बार की तात्कालिक प्रतिक्रिया के आधार पर अपने रचनात्मक फैसले नहीं बदल सकता। उन्होंने एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स का हवाला देते हुए एक बड़ी बात कही, "अगर आप हर किसी को खुश करना चाहते हैं, तो जाकर आइसक्रीम बेचें।"

शास्त्रीय धुन और पहाड़ी राग का सुंदर मेल

‘मंगल रंग’ गाने में फिल्म के मुख्य कलाकार नजर आएंगे, जिनमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश शामिल हैं। जहाँ एक तरफ इसके म्यूजिकल अरेंजमेंट को लेकर लोगों में चर्चा रही, वहीं इस रचना में कई गहरे शास्त्रीय तत्वों का भी समावेश किया गया है।

एआर रहमान ने इस गाने में बिलावल राग के शुद्ध स्वरों का इस्तेमाल किया है। इसे 'मांड' राग (जो पारंपरिक रूप से भजनों और शादी-ब्याह के संगीत से जुड़ा होता है) के तत्वों के साथ बहुत ही खूबसूरती से मिलाया गया है, और साथ ही इसमें पहाड़ी राग की हल्की सी झलक भी दी गई है।

'रामायणम्' के म्यूजिक और हंस जिमर के साथ काम पर चर्चा

इस भव्य प्रोजेक्ट के संगीत के पीछे की मेहनत पर बात करते हुए रहमान ने बताया कि इसका मुख्य मकसद एक ऐसा म्यूजिकल अरेंजमेंट तैयार करना था, जो पारंपरिक और भक्तिपूर्ण धुनों पर आधारित होने के साथ-साथ कुछ नयापन भी लिए हो, न कि किसी पुराने और घिसे-पिटे रास्ते पर चले। शुरुआत में भले ही इस पर कुछ लोगों की तरफ से आलोचनाएँ सामने आईं, लेकिन रिलीज होने के महज एक हफ्ते के भीतर ही यह गाना यूट्यूब के ट्रेंडिंग म्यूज़िक चार्ट पर नंबर 1 के स्थान पर पहुँच गया।

इस प्रोजेक्ट की एक और सबसे बड़ी और खास बात ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर के साथ साझेदारी है। 'इंटरस्टेलर', 'इनसेप्शन' और '‘ग्लैडिएटर' जैसी महान हॉलीवुड फिल्मों के लिए यादगार संगीत देने वाले जिमर इस बड़े प्रोजेक्ट में एआर रहमान के साथ जुड़े हैं। रहमान का मानना है कि 'रामायण' के साथ हंस जिमर का नाम जुड़ने से दुनिया भर के दर्शकों के बीच एक अलग ही स्तर की उत्सुकता पैदा होगी और फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ा दर्शक वर्ग मिल सकेगा।

काम का भारी दबाव और विशाल पैमाना

एआर रहमान ने इस प्रोजेक्ट के बहुत बड़े दायरे और काम के दबाव का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें गानों से लेकर बैकग्राउंड स्कोर, और अलग-अलग भाषाओं व बाजारों के हिसाब से तैयार किए गए कई वर्जन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में लगभग 10 फिल्मों के बराबर का काम है। इसमें पाँच अलग-अलग भाषाएँ और दो मुख्य वर्जन हैं—एक हॉलीवुड वर्जन और दूसरा भारतीय वर्जन।

इसके अलावा, पूरी टीम पर इस बात का भी बहुत भारी दबाव था कि हर एक नोट और हर एक धुन को एकदम सही और त्रुटिहीन बनाया जाए। संगीत के हर बारीक पहलू पर दिए गए इस कड़े ध्यान से यह साफ पता चलता है कि इस प्रोजेक्ट से कितनी भारी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। निर्देशक नितेश तिवारी की इस फिल्म 'रामायणम्' में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में, साई पल्लवी माता सीता के रूप में और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। रहमान ने देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर दर्शकों को फिल्म के संगीत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए देखने के अनुभव को भी बेहद सुखद बताया।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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