वाघा बॉर्डर पर एआर रहमान का लाइव कॉन्सर्ट, जब गूंजा 'मां तुझे सलाम', तो रो पड़े वीर जवान और हजारों दर्शक।
पंजाब के अटारी-वाघा बॉर्डर पर ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने अपनी टीम के साथ पहली बार सुरक्षा बलों के लिए लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किया।

अटारी-वाघा बॉर्डर पर आयोजित विशेष म्यूजिकल इवेंट के दौरान मंच पर माइक के सामने बैठकर गायन और कीबोर्ड वादन करते संगीतकार एआर रहमान।
भारत की वीर गाथाओं और सैन्य शौर्य के ऐतिहासिक प्रतीक बन चुके पंजाब के अटारी-वाघा बॉर्डर पर एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सांस्कृतिक घटनाक्रम दर्ज किया गया है। ऑस्कर और ग्रैमी जैसे दुनिया के सर्वोच्च संगीत पुरस्कारों से सम्मानित प्रख्यात संगीतकार और गायक एआर रहमान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित जॉइंट चेक पोस्ट (जेसीपी) स्टेडियम में पहली बार लाइव संगीत प्रस्तुति देकर इतिहास रच दिया है। इस भव्य और गरिमापूर्ण आयोजन के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारतीय सेना के वीर जवानों को संगीत के सुरों से सजी एक भावपूर्ण सलामी दी गई। 'जय हो: म्यूजिकल सल्यूट टु द ब्रेव सोल्जर्स' शीर्षक के अंतर्गत आयोजित इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम ने वहां उपस्थित हजारों दर्शकों के दिलों में राष्ट्रवाद और कृतज्ञता की एक नई लहर पैदा कर दी।
यह अभूतपूर्व म्यूजिकल कॉन्सर्ट जाने-माने फिल्म निर्माता इम्तियाज अली की भारत-पाकिस्तान विभाजन और सीमाई पृष्ठभूमि पर आधारित आगामी हिंदी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के आधिकारिक रिलीज प्रचार के एक हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का पूरा संगीत एआर रहमान द्वारा ही तैयार किया गया है। सुरमयी शाम और देशभक्ति के माहौल के बीच जैसे ही एआर रहमान ने मंच संभाला, पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने अपने जादुई परफॉर्मेंस की शुरुआत एक बेहद भावपूर्ण और दिल को छू लेने वाली धुन 'चंदा सूरज लाखों तारे' से की, जिसने वहां उपस्थित हर एक दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके पश्चात, मंच पर कलाकारों की पूरी मंडली ने फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के चुनिंदा और विशेष रूप से तैयार किए गए गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। फिल्म के मुख्य गीत 'मस्कारा' को युवा गायक और अभिनेता वेदांग रैना तथा गायिका नीलांजना घोष ने मंच पर प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि वेदांग रैना इस फिल्म में विभाजन के दौर से ठीक पहले के भारत के एक पारंपरिक युवा की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनके सुरों ने दर्शकों को इतिहास के उस संवेदनशील दौर की याद दिला दी। इसके तुरंत बाद, बॉलीवुड के मशहूर पार्श्व गायक मोहित चौहान ने सह-गायिका पूजा तिवारी और नरगिस के साथ मिलकर सूफियाना अंदाज में रचे गए गीत 'इश्क मस्ताना' को लाइव गाकर पूरे माहौल को आध्यात्मिक और देशभक्ति के अनूठे रंग में रंग दिया।
अटारी-वाघा बॉर्डर पर होने वाले पारंपरिक बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान आयोजित हुए इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों आम नागरिक और सुरक्षा बलों के आला अधिकारी शामिल हुए थे। देशभक्ति, राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा और सीमाओं के प्रहरियों के प्रति सम्मान की गहरी भावना से सराबोर यह शाम उस समय अपने चरम पर पहुंच गई जब एआर रहमान ने अपने सदाबहार और सुप्रसिद्ध देशभक्ति गीत 'मां तुझे सलाम' की प्रस्तुति दी। इस गीत के शुरू होते ही पूरा जेसीपी स्टेडियम भारत माता के जयकारों और राष्ट्रीय गौरव के नारों से गूंज उठा, जिससे वहां मौजूद हर नागरिक की आंखें गर्व और श्रद्धा से नम हो गईं।
इस अनूठे आयोजन के प्रशासनिक और वैधानिक संदर्भो की बात करें तो भारत-पाकिस्तान सीमा जैसे अत्यधिक संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र में इस तरह के बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए गृह मंत्रालय और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के उच्च अधिकारियों से विशेष विधिक अनुमतियां प्राप्त की गई थीं। फिल्म के विमोचन और कानूनी प्रदर्शन को लेकर फिल्म निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि यह फिल्म पूर्णतः विधिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए आगामी १२ जून को देश भर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कार्यक्रम के समापन पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए निर्देशक इम्तियाज अली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जवानों के सम्मुख यह प्रस्तुति देना पूरी टीम के लिए एक जादुई और अद्वितीय अनुभव रहा है। यह आयोजन पूरी तरह से हमारे वीर प्रहरियों के त्याग को समर्पित है। इस ऐतिहासिक परफॉर्मेंस ने न केवल भारतीय फिल्म और संगीत जगत में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है, बल्कि इसने कला और संगीत के माध्यम से सीमाओं पर तैनात प्रहरियों के प्रति देश की अटूट कृतज्ञता को भी बेहद सशक्त रूप से प्रदर्शित किया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
