अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलज' को लेकर चल रहा विवाद गहराता जा रहा है। हाल ही में फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के फैसले के बाद निर्देशक अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा है। अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम पर जी5 की उस पोस्ट को साझा किया, जिसमें यह सूचित किया गया था कि 'सतलज' वर्तमान में भारत में उपलब्ध नहीं होगी। कश्यप ने फिल्म पर प्रतिबंध को लेकर अपनी असहमति व्यक्त की और कहा कि किसी भी सामग्री पर रोक लगाने का अक्सर उल्टा असर होता है। उन्होंने टिप्पणी की कि इस फिल्म को हटाने के निर्णय ने उनमें इसे देखने की उत्सुकता जगा दी है ताकि वे इसके पीछे के वास्तविक कारणों को समझ सकें।

फिल्म से संबंधित विवाद की पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे विभिन्न दावों पर भी अनुराग कश्यप ने अपनी प्रतिक्रिया दी। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक संपादित वीडियो का हवाला देते हुए, जिसमें फिल्म में अभिनेता अर्जुन रामपाल से जुड़े एक विशिष्ट दृश्य को फिल्म हटाए जाने का कारण बताया गया है, कश्यप ने दर्शकों से फिल्म देखने का आग्रह किया। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि फिल्म किसी भी आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है, तो भी इसे अन्य माध्यमों से देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपनी बात रखते हुए लोगों को फिल्म के पायरेटेड संस्करणों को देखने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

दिलजीत दोसांझ अभिनीत यह फिल्म 1990 के दशक के पंजाब में उग्रवाद और मानवाधिकारों के उल्लंघन के विषय पर आधारित है। फिल्म की पटकथा सामाजिक कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित है, जिन्होंने उन हजारों मामलों की जांच की थी जो कथित तौर पर अवैध और गुप्त दाह संस्कारों से जुड़े थे। फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में हैं और उनके साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में शामिल हैं।

फिल्म के प्रति जनमानस की रुचि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने इंटरनेट मूवी डेटाबेस (IMDb) पर 9.5 की रेटिंग के साथ वर्ष 2026 की सर्वोच्च रेटिंग वाली फिल्म का स्थान हासिल कर लिया था। हालांकि, वर्तमान में यह रेटिंग प्लेटफॉर्म पर दिखाई नहीं दे रही है। अनुराग कश्यप ने भी इस उच्च रेटिंग का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। फिल्म को लेकर जारी यह विवाद फिलहाल फिल्म जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर सामग्री पर आधिकारिक रोक की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर इसे देखने की बढ़ती मांग एक नई बहस को जन्म दे रही है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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