सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मशहूर हस्तियों की टिप्पणियों और देश के समसामयिक गंभीर मुद्दों पर उनके रुख को लेकर आम जनता अब बेहद संवेदनशील हो चुकी है। इसका ताजा उदाहरण हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन के एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के बाद देखने को मिला है। मेगास्टार अमिताभ बच्चन अक्सर अपने प्रशंसकों के साथ जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक और अपने निजी ब्लॉग पर नियमित रूप से अपने विचार साझा करते रहते हैं। हालांकि, देर रात किए गए उनके एक दार्शनिक विचार वाले पोस्ट ने सोशल मीडिया यूजर्स को इस कदर नाराज कर दिया कि लोगों ने देश के सबसे ज्वलंत मुद्दों जैसे मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के कथित पेपर लीक, छात्रों द्वारा की जा रही खुदकुशी और बढ़ती महंगाई पर उनकी रहस्यमयी चुप्पी को लेकर सीधे सवाल खड़े कर दिए।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब 83 वर्षीय अभिनेता ने देर रात 2 बजकर 12 मिनट पर अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर हीरे के महत्व, उसकी दुर्लभता और उसकी कीमत को लेकर एक पोस्ट साझा किया। अमिताभ बच्चन ने अपने ट्वीट में लिखा कि हीरा इसलिए महंगा नहीं है क्योंकि वह दुर्लभ या असामान्य है, बल्कि वह महंगा इसलिए है क्योंकि उसे खोजना बहुत कठिन कार्य है। एक दार्शनिक और सामान्य नजरिए से लिखे गए इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रिया बेहद तीखी रही। देश में चल रहे नीट परीक्षा विवाद और उससे उपजे मानसिक तनाव के कारण छात्रों द्वारा उठाए जा रहे आत्मघाती कदमों के बीच हीरे जैसे विषय पर बात करना उनके प्रशंसकों और आम इंटरनेट यूजर्स को बिल्कुल रास नहीं आया।

इस ट्वीट के सार्वजनिक होते ही यूजर्स ने महानायक को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। कमेंट सेक्शन में लोगों ने तीखे सवाल दागते हुए पूछा कि जब देश का युवा और छात्र वर्ग इतने बड़े संकट से गुजर रहा है, तब वे इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर अपनी राय रखने के बजाय दार्शनिक बातें क्यों कर रहे हैं। एक नाराज यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा कि फिल्मों में हमेशा अन्याय और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ बुलंद आवाज उठाने वाले किरदारों को जीवंत करने वाले अभिनेता असल जिंदगी में युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय पर पूरी तरह मौन क्यों हैं। यूजर ने आगे भावुक होते हुए लिखा कि हीरे की तरह ही इन बच्चों का जीवन भी बेहद कीमती है और नीट पेपर लीक की घटनाओं से निराश होकर अब तक कई मासूम बच्चों ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया है, जिस पर फिल्म उद्योग के इतने बड़े मंच से एक शब्द भी न आना बेहद अफसोसजनक है।

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा देश में बढ़ती ईंधन की कीमतों, गिरते रुपये और दैनिक जीवन से जुड़ी महंगाई पर भी फूट पड़ा। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए कहा कि जनता ने उन्हें हमेशा एक दुर्लभ हीरे की तरह सम्मान दिया, लेकिन देश के गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकटों पर उनके इस मौन ने उनके प्रशंसकों को बेहद निराश किया है। कुछ कमेंट्स में यहाँ तक कहा गया कि बचपन में किताबों में पढ़ा था कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं, लेकिन व्यवस्था की विफलता को देखकर ऐसा लगता है कि युवाओं के भविष्य की चिंता किसी भी शीर्ष स्तर के प्रभावशाली व्यक्तित्व को नहीं है।

उल्लेखनीय है कि इस विवादित ट्वीट से ठीक सात मिनट पहले, यानी रात 2 बजकर 19 मिनट पर अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर भी एक विस्तृत लेख पोस्ट किया था। इस ब्लॉग में उन्होंने मानव जीवन के अतीत, वर्तमान और भविष्य के अंतर्संबंधों पर अपने विचार व्यक्त किए थे। उन्होंने लिखा था कि उनका दिन दूरदृष्टि रखने वाले और भविष्य के लिए गहन चिंतन व अभ्यास करने वाले महान विचारकों के विचारों से समृद्ध रहा। उन्होंने अपने ब्लॉग में यह भी उल्लेख किया कि कई लोग वर्तमान में जीने की वकालत करते हुए अतीत और अनिश्चित भविष्य की चिंता न करने की बात कहते हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि दुनिया के महानतम विचारकों ने हमेशा अतीत से प्रेरणा लेकर वर्तमान को सक्रिय किया और भविष्य के लिए एक बेहतर मार्ग प्रशस्त किया।

मौजूदा डिजिटल युग में डिजिटल नागरिक अधिकार और आईटी नियमावली (2026) के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सार्वजनिक अभिव्यक्ति और उस पर आने वाली प्रतिक्रियाओं को बेहद बारीकी से देखा जाता है। किसी भी जिम्मेदार नागरिक या वैश्विक पहचान रखने वाली हस्ती के बयानों को सीधे तौर पर सामाजिक सरोकारों से जोड़कर देखा जाता है। अमिताभ बच्चन का यह पूरा घटनाक्रम यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि आधुनिक दौर में प्रशंसक अपने पसंदीदा कलाकारों से केवल मनोरंजन की उम्मीद नहीं रखते, बल्कि राष्ट्रीय संकट और सामाजिक मुद्दों के समय उनकी सक्रिय भागीदारी और संवेदनशीलता की भी अपेक्षा करते हैं। इस पूरे विवाद पर फिलहाल अभिनेता या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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