अमाल मलिक ने बॉलीवुड में 60 से अधिक प्रोजेक्ट्स से बाहर किए जाने का दावा करते हुए इंडस्ट्री में भेदभाव, ग्रुपिज़्म और नेपोटिज़्म पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह स्वतंत्र संगीत को प्राथमिकता देते हैं ।

बॉलीवुड के संगीत जगत में एक बार फिर हलचल मच गई है, जब मशहूर संगीतकार और गायक अमाल मलिक ने इंडस्ट्री में अपने साथ हुए कथित भेदभाव और साइडलाइन किए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने हालिया बयान में उन्होंने दावा किया है कि उन्हें वर्षों में लगभग 60 से अधिक फिल्मों और प्रोजेक्ट्स से बाहर कर दिया गया, जिसके पीछे उन्होंने इंडस्ट्री की आंतरिक राजनीति और प्रभावशाली लोगों की भूमिका को जिम्मेदार ठहराया है।

अमाल मलिक ने मंगलवार रात इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर अपने प्रशंसकों के नाम एक विस्तृत नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि “पावरफुल पोज़िशन में बैठे बड़े लोगों” ने उन्हें लगातार कई प्रोजेक्ट्स से हटाया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लगभग 20 फिल्मों को उन्होंने स्वयं भी ठुकराया था, क्योंकि उन प्रोजेक्ट्स में काम करना उनके अनुसार उनके संगीत सिद्धांतों और आत्म-सम्मान के अनुरूप नहीं था। उन्होंने लिखा कि कई अवसरों से दूर रहना उनके लिए रचनात्मक दृष्टि से समझौता करने जैसा होता।

अपने संदेश में अमाल मलिक ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपने प्रशंसकों तक सच्चाई पहुंचाना है, क्योंकि इन परिस्थितियों का असर सीधे उनके श्रोताओं और फॉलोअर्स पर पड़ता है। उन्होंने अपने बयान में भावनात्मक लहजे में स्वीकार किया कि उन्हें इस स्थिति पर खेद है, लेकिन वे अपने फैसलों पर किसी प्रकार का पछतावा नहीं रखते।

अमाल मलिक ने अपने पारिवारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि वह प्रसिद्ध संगीतकार डब्बू मलिक के पुत्र हैं और दिग्गज संगीतकार अनु मलिक के भतीजे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें इंडस्ट्री में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में यह भी कहा कि “नेपोटिज़्म भी यहां काम नहीं आया”, और वह किसी भी तरह के क्लाउट या समूहवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते। अपने संदेश के अंत में उन्होंने प्रशंसकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके गाने फिल्मों में आते हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन यदि नहीं भी आते तो लोग उनके इंडिपेंडेंट संगीत को सुनते रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने संगीत को किसी समझौते या दबाव के तहत नहीं ढालना चाहते।

अमाल मलिक के इन बयानों ने एक बार फिर बॉलीवुड संगीत उद्योग में नेपोटिज़्म, ग्रुपिज़्म और शक्ति-संतुलन को लेकर चल रही बहस को तेज कर दिया है। उनके आरोपों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या इंडस्ट्री में प्रतिभा से अधिक प्रभाव और नेटवर्किंग का दबदबा है। इस पूरे घटनाक्रम ने संगीत जगत में नई चर्चा को जन्म दिया है, जिसका असर आने वाले समय में इंडस्ट्री की छवि और कार्यप्रणाली पर भी देखा जा सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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