साउथ सिनेमा की जब भी बात होती है, तो एक नाम स्क्रीन पर आते ही सिनेमाघरों में तालियों की गूंज सुनाई देने लगती है—अजीत कुमार। जिन्हें फैंस प्यार से 'थला' यानी लीडर कहते हैं, अजीत कुमार आज मनोरंजन जगत और रेसिंग ट्रैक दोनों ही जगहों पर सबसे हॉट टॉपिक बने हुए हैं। उनके चर्चित होने की सबसे बड़ी वजह हाल ही में भारत सरकार द्वारा उन्हें दिया गया देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' है। साल 2025 में मिली इस उपलब्धि ने उनके तीन दशक लंबे शानदार करियर में चार चांद लगा दिए हैं। एक साधारण बैकग्राउंड से आकर सुपरस्टार बनने का उनका सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, जिसने उन्हें आज ग्लोबल आइकन बना दिया है।

अजीत की शुरुआत बेहद साधारण रही। तेलंगाना के सिकंदराबाद में जन्मे अजीत ने स्कूल छोड़ने के बाद एक मैकेनिक के रूप में काम सीखा और गारमेंट एक्सपोर्ट बिजनेस में भी हाथ आजमाया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मॉडलिंग के दौरान उन पर मशहूर सिनेमैटोग्राफर पी.सी. श्रीराम की नजर पड़ी और साल 1993 में फिल्म 'अमरावती' से उनके मुख्य सफर का आगाज हुआ। हालांकि शुरुआती दौर में उन्हें गंभीर चोटों और असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन फिल्म 'आसाई' ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। 'काधल कोट्टई' और 'काधल मन्नन' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित किया, जबकि 'अमर्क्कलम' ने उनके भीतर के एक्शन हीरो को दुनिया के सामने पेश किया।

अजीत कुमार सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने रिस्क लेने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 'वाली' और 'सिटिजन' जैसी फिल्मों में चुनौतीपूर्ण दोहरी भूमिकाएं निभाईं, तो 'वरलारू' में एक भरतनाट्यम डांसर का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया। उनकी 50वीं फिल्म 'मंकाथा' में उनका निगेटिव शेड वाला अंदाज आज भी फैंस का पसंदीदा है। 'बिल्ला', 'वीरम', 'वेधालम' और 'नेरकोंडा पार्वई' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने उन्हें बॉक्स ऑफिस का असली सुल्तान बना दिया है। तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड्स और तमिलनाडु राज्य पुरस्कारों के साथ अजीत का नाम आज फोर्ब्स इंडिया की सेलिब्रिटी लिस्ट में भी अपनी जगह बना चुका है।

उनकी चर्चा का एक और बड़ा कारण उनकी 'स्पीड' है। अजीत फिल्म इंडस्ट्री के उन गिने-चुने सितारों में से हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फॉर्मूला चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने वेनिस में 'जेंटलमैन ड्राइवर ऑफ द ईयर' का खिताब जीता है। 15 साल के लंबे गैप के बाद उन्होंने अपनी टीम 'अजीत कुमार रेसिंग' के साथ रेसिंग ट्रैक पर वापसी की और 25 किलो वजन घटाकर सबको प्रेरित कर दिया। 2026 की 'ली मान्स कप' में उनके शामिल होने की खबरों ने रेसिंग प्रेमियों के बीच हलचल पैदा कर दी है। वे सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक पेशेवर रेसर, यूएवी एक्सपर्ट और बाइक टूरिंग एजेंसी 'वीनस मोटरसाइकिल टूर्स' के मालिक भी हैं।

निजी जिंदगी की बात करें तो अजीत ने अपनी को-स्टार शालिनी से शादी की और आज वे एक खुशहाल परिवार के साथ चेन्नई में रहते हैं। उनकी सादगी का आलम यह है कि वे किसी भी फिल्म का प्रमोशन नहीं करते और विज्ञापनों से भी दूर रहते हैं। उनकी आने वाली फिल्में 'विदामुयार्ची' और 'गुड बैड अग्ली' को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट है। अपनी मेहनत, अनुशासन और जमीन से जुड़े रहने की आदत के कारण ही अजीत कुमार आज न केवल पर्दे पर, बल्कि लाखों दिलों पर भी राज कर रहे हैं।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story