एक स्कूल ड्रॉपआउट से बने इंटरनेशनल रेसर ; जानें कितनी दिलचस्प है सुपरस्टार अजित कुमार की ज़िन्दगी
तमिल अभिनेता अजीत कुमार के जीवन और करियर पर आधारित यह लेख उनके फिल्मी सफर, अंतरराष्ट्रीय रेसिंग उपलब्धियों, पद्म भूषण सम्मान और निजी जीवन की प्रेरणादायक कहानी को विस्तार से प्रस्तुत करता है। अजीत ने तमिल सिनेमा में 63 से अधिक फिल्में कीं और मोटरस्पोर्ट्स में भी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई।

अभिनेता अजीत कुमार
भारतीय फिल्म उद्योग और मोटरस्पोर्ट्स की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता अजीत कुमार सुब्रमण्यम आज भी एक बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में चर्चाओं में बने रहते हैं। 1 मई 1971 को तत्कालीन आंध्र प्रदेश के सिकंदराबाद, वर्तमान तेलंगाना में जन्मे अजीत कुमार 1 मई 2026 को अपना 55वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। तमिल सिनेमा में 63 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके अजीत को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए चार विजय अवॉर्ड, तीन सिनेमा एक्सप्रेस अवॉर्ड, तीन फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड और तीन तमिलनाडु राज्य पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
अजीत का पारिवारिक जीवन विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनके पिता पी. सुब्रमण्यम केरल के पालक्काड अय्यर परिवार से थे, जबकि उनकी माता मोहिनी कोलकाता की सिंधी समुदाय से संबंध रखती हैं। तीन भाइयों में मध्य संतान अजीत के बड़े भाई अनिल कुमार आईआईटी मद्रास से स्नातक और उद्यमी हैं, जबकि छोटे भाई अनुप कुमार हैं। प्रारंभिक शिक्षा के दौरान ही उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और जीवन के शुरुआती चरण में यांत्रिकी, कपड़ा व्यापार और बिक्री जैसे कार्यों में अनुभव प्राप्त किया।
तमिल सिनेमा के प्रमुख अभिनेता अजीत कुमार
फिल्मी करियर की शुरुआत अजीत ने 1990 में एक छोटी भूमिका से की, लेकिन उन्हें पहली प्रमुख पहचान 1993 की तमिल फिल्म ‘अमरावती’ से मिली। हालांकि, एक रेसिंग दुर्घटना के कारण वह लंबे समय तक बिस्तर पर रहे और इस फिल्म में उनकी आवाज डब की गई। इसके बाद उन्होंने सहायक भूमिकाओं के माध्यम से वापसी की और 1998 में ‘कादल मन्नन’, ‘अवल वरुवाला’ और ‘उन्निदाथिल एनै कोडुथेन’ जैसी सफल फिल्मों से लोकप्रियता हासिल की।
2003 से 2005 के बीच उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाकर मोटर रेसिंग पर ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और विदेशों में कई रेसिंग प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिनमें जर्मनी और मलेशिया जैसे देश शामिल हैं। उन्होंने 2003 फॉर्मूला एशिया BMW चैंपियनशिप और 2010 फॉर्मूला 2 चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, वे MRF रेसिंग सीरीज़ का भी हिस्सा रहे हैं। फिल्मों और रेसिंग के साथ संतुलन बनाते हुए अजीत ने 2006 में ‘परमशिवन’ और 2010 में ‘आसल’ जैसी फिल्मों में काम किया। 28 अप्रैल 2025 को भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, जो भारतीय सिनेमा में उनके योगदान की आधिकारिक मान्यता है।
अंतरराष्ट्रीय रेसिंग प्रतियोगिता के दौरान अपनी कार में बैठे अभिनेता अजीत कुमार
रेसिंग के क्षेत्र में भी अजीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने 24H सीरीज़ में अपनी टीम ‘अजीत कुमार रेसिंग’ के साथ वापसी की, जहां उन्होंने लगभग 25 किलोग्राम वजन कम कर तैयारी की। इसके बाद वे 2025–26 एशियन ले मैन सीरीज़ और 2026 ले मैन कप के लिए भी अनुबंधित हुए। 2025 में उन्हें वेनिस में ‘जेंटलमैन ड्राइवर ऑफ द ईयर’ का फिलिप शारियोल अवॉर्ड भी प्रदान किया गया। व्यक्तिगत जीवन में अजीत ने अभिनेत्री हीरा राजगोपाल के साथ संबंध रखा, जो 1998 में समाप्त हुआ। बाद में 1999 में फिल्म ‘अमरकलम’ के दौरान उन्होंने अभिनेत्री शालिनी से प्रेम किया और अप्रैल 2000 में चेन्नई में विवाह किया। दंपति के दो बच्चे हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
