Twisha Sharma Bhopal Case : ग्लैमर की दुनिया से जुड़ीं मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत का मामला अब एक हाई-प्रोफाइल कानूनी जंग में तब्दील हो चुका है। सोमवार, 18 मई को भोपाल की एक अदालत ने इस मामले में मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह को एक बड़ा झटका देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। नोएडा की रहने वाली ट्विशा का शव महज पांच महीने पहले हुई शादी के बाद 12 मई की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में भोपाल स्थित उनके ससुराल में फंदे से लटकता मिला था। अदालत की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच हुई तीखी बहस ने इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह मामला अब और भी अधिक पेचीदा नजर आने लगा है।

सुनवाई के दौरान समर्थ सिंह के बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह दहेज हत्या का मामला नहीं है, बल्कि ट्विशा की मानसिक स्थिति और उनके निजी खर्चों की जांच की जानी चाहिए। समर्थ के वकील ने दावा किया कि मौत वाले दिन ट्विशा पार्लर गई थीं और उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल अमेजॉन से एक पार्सल भी मंगाया था, जो अब तक बंद पड़ा है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यदि कोई महिला प्रताड़ित होती, तो वह अपनी दिनचर्या में इतनी सक्रिय नहीं होती। उन्होंने पुलिस से ट्विशा द्वारा ली जा रही दवाओं और उनकी मनोदशा की जांच करने की मांग की, साथ ही यह भी पूछा कि क्या उन्हें कोई ब्लैकमेल कर रहा था। वकील ने कोर्ट में सवाल उठाया कि अगर प्रताड़ना हो रही थी, तो ट्विशा बार-बार ससुराल वापस क्यों आ रही थी।

दूसरी ओर, पीड़ित पक्ष यानी ट्विशा के परिवार के वकीलों ने इन दलीलों का पुरजोर विरोध करते हुए मामले को एक 'एक्सेप्शनल केस' करार दिया। उन्होंने अदालत के सामने बेहद सनसनीखेज सवाल खड़ा किया कि जब ट्विशा का शव तीसरी मंजिल पर मिला, तो उन्हें तुरंत वहीं सीपीआर (CPR) क्यों नहीं दिया गया? वकील ने आरोप लगाया कि समर्थ ने शव को तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर तक केवल इसलिए लाया ताकि वे सीसीटीवी कैमरे की जद में आकर खुद को बचाने का नाटक कर सकें। पीड़ित पक्ष ने आशंका जताई कि आरोपी पक्ष के प्रभाव के कारण सबूतों के साथ छेड़खानी हो सकती है, क्योंकि घर अब भी उन्हीं के नियंत्रण में है। उन्होंने मृतका के बैंक अकाउंट के इस्तेमाल और व्हाट्सएप संदेशों का हवाला देते हुए जांच पूरी होने तक जमानत न देने की अपील की।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि समर्थ सिंह का परिवार काफी प्रभावशाली है और उनकी मां एक रिटायर्ड जज हैं। 12 दिसंबर 2025 को डेटिंग ऐप के जरिए हुई इस शादी का अंत महज 150 दिनों के भीतर इतना खौफनाक होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। अदालत ने फिलहाल साक्ष्यों की संवेदनशीलता और जांच की प्रारंभिक स्थिति को देखते हुए समर्थ सिंह को राहत देने से इनकार कर दिया है। इस फैसले ने न केवल पुलिस जांच को गति दी है, बल्कि अब समर्थ सिंह की गिरफ्तारी की तलवार भी लटकने लगी है। आने वाले दिनों में पोस्टमार्टम की दोबारा जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझाने में निर्णायक साबित होगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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