ऑर्थोडॉक्स परिवार से ताल्लुक रखने वाले रंजीत ने 200 से अधिक फिल्मों में काम किया और 'शर्मीली' जैसी हिट फिल्मों से खलनायक के रूप में लोकप्रियता हासिल की।

फिल्म जगत के प्रसिद्ध खलनायक रंजीत, जिन्होंने 'शर्मीली' और 'अमर अकबर एंथनी' जैसी 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर अपनी एक खास पहचान बनाई।
एक दौर था जब स्क्रीन पर सिर्फ एक एंट्री और आंखों की एक तेज नजर से दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते थे। यही ताकत थी Ranjeet की, जिनका नाम सुनते ही 70 और 80 के दशक का पूरा बॉलीवुड याद आ जाता है। आज फिर से वह चर्चा में हैं क्योंकि नई पीढ़ी सोशल मीडिया पर उनके पुराने सीन, डायलॉग और दमदार विलेन अवतार को वायरल कर रही है। दिलचस्प बात ये है कि जिस कलाकार को लोग पर्दे पर देखकर नफरत करते थे, असल जिंदगी में वही इंसान अपनी सादगी और शानदार व्यक्तित्व के लिए जाना जाता है।
पंजाब के जंडियाला गुरु में गोपाल बेदी के नाम से जन्मे रंजीत एक ऑर्थोडॉक्स सिख परिवार से आते थे। दिल्ली के हिंदू कॉलेज में पढ़ाई करने वाले इस युवक का सपना इंडियन एयर फोर्स जॉइन करना था, लेकिन किस्मत उन्हें फिल्मों की दुनिया में ले आई। साल 1966 में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, लेकिन असली पहचान मिली 1971 में रिलीज हुई फिल्म “शर्मीली” से। इस फिल्म में उनके नेगेटिव किरदार ने ऐसा असर छोड़ा कि रातोंरात वह बॉलीवुड के सबसे चर्चित विलेन बन गए। कहा जाता है कि अभिनेता सुनील दत्त ने उनकी प्रतिभा देखकर उन्हें बड़े मौके दिलाने में मदद की थी।
इसके बाद तो रंजीत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। “धर्मात्मा”, “अमर अकबर एंथनी”, “लावारिस”, “नमक हलाल”, “शराबी”, “इंकलाब”, “करन अर्जुन”, “कोयला”, “वेलकम” और “हाउसफुल” जैसी फिल्मों में उनका अंदाज अलग ही लेवल का था। उनके चेहरे की मुस्कान, आंखों की चालाकी और खतरनाक बॉडी लैंग्वेज ने उन्हें बाकी विलेन्स से अलग बना दिया। उस दौर में जब अमजद खान और प्रेम चोपड़ा जैसे बड़े नाम मौजूद थे, तब भी रंजीत ने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने करीब 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और कई बार तो उनका किरदार ही फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बन जाता था।
दिलचस्प बात यह है कि पर्दे पर डर पैदा करने वाला यह कलाकार निजी जिंदगी में बेहद फैमिली मैन माना जाता है। उनकी पत्नी अलोका बेदी अभिनेत्री मुमताज की रिश्तेदार हैं। उनके बेटे जीवा ने भी फिल्मों में कदम रखा और “गोविंदा नाम मेरा” से डेब्यू किया। रंजीत ने सिर्फ एक्टिंग ही नहीं की बल्कि निर्देशन और प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया। टीवी की दुनिया में भी उन्होंने “जुनून”, “ऐसा देस है मेरा”, “हिटलर दीदी” और “भाबी जी घर पर हैं” जैसे शोज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
आज जब बॉलीवुड में पुराने सितारों की विरासत पर चर्चा होती है तो रंजीत का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने विलेन को सिर्फ बुरा इंसान नहीं बल्कि एक स्टाइलिश, प्रभावशाली और यादगार किरदार बना दिया। यही वजह है कि दशकों बाद भी उनके सीन मीम्स, रील्स और वायरल वीडियोज में छाए रहते हैं। रंजीत सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि बॉलीवुड के उस दौर की पहचान हैं जब खलनायक भी सुपरस्टार हुआ करते थे।

