57 साल के होने वाले हैं अभिनेता अजय देवगन ; जानिए कैसे शुरू हुआ इनका फिल्मी सफर
अजय देवगन के 57वें जन्मदिन पर जानिए उनके तीन दशक लंबे फिल्मी करियर, राष्ट्रीय पुरस्कारों, सुपरहिट फिल्मों और व्यक्तिगत जीवन की प्रेरक कहानी। एक्शन से लेकर गंभीर अभिनय तक, कैसे बने हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में से एक।

2 अप्रैल 2026 को हिंदी फिल्म उद्योग के दिग्गज अभिनेता अजय देवगन अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। तीन दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने न केवल 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है, बल्कि निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी सशक्त पहचान बनाई है। चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित देवगन को 2016 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से भी नवाजा गया, जो उनके योगदान की व्यापक स्वीकृति का प्रमाण है।
अजय देवगन ने 1991 में फिल्म फूल और कांटे से अपने करियर की शुरुआत की, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। फिल्म के शुरुआती सीन में दो मोटरसाइकिलों पर संतुलन बनाते हुए उनका स्टंट आज भी यादगार माना जाता है। इसके बाद उन्होंने जिगर, दिलवाले, इश्क़ और हम दिल दे चुके सनम जैसी फिल्मों से खुद को एक बहुमुखी अभिनेता के रूप में स्थापित किया। 1998 में आई फिल्म ज़ख्म में उनके गंभीर अभिनय ने उन्हें पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाया, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।
2000 का दशक: आलोचनात्मक सराहना और परिपक्व अभिनय
2000 के दशक में देवगन ने अपने अभिनय के नए आयाम प्रस्तुत किए। कंपनी, द लीजेंड ऑफ़ भगत सिंह, गंगाजल और ओमकारा जैसी फिल्मों में उनके प्रदर्शन को समीक्षकों ने खूब सराहा। विशेष रूप से भगत सिंह के किरदार के लिए उन्हें दूसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला, जिसने उन्हें एक गंभीर और सशक्त अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
2010 के दशक में अजय देवगन ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त वापसी की। सिंघम से उन्होंने ‘एक्शन हीरो’ की नई परिभाषा गढ़ी, जबकि गोलमाल अगेन और दृश्यम जैसी फिल्मों ने उन्हें हर वर्ग के दर्शकों का चहेता बना दिया। उनकी फिल्म तन्हाजी ने उन्हें तीसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाया, जो उनके अभिनय कौशल की निरंतरता को दर्शाता है।
व्यक्तिगत जीवन: सादगी और संतुलन का उदाहरण
अजय देवगन का निजी जीवन भी उतना ही चर्चित रहा है। उन्होंने अभिनेत्री काजोल से 1999 में विवाह किया। दोनों की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे स्थिर और लोकप्रिय जोड़ियों में गिनी जाती है। उनके दो बच्चे हैं न्यासा और युग। फिल्मी परिवार से आने वाले देवगन के पिता वीरू देवगन एक प्रसिद्ध स्टंट कोरियोग्राफर थे, जिसने उनके करियर की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अजय देवगन ने 1999 में अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘Ajay Devgn FFilms’ की स्थापना की। 2008 में उन्होंने फिल्म ‘U Me Aur Hum’ के जरिए निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्माण किया, जिससे वे उद्योग में एक प्रभावशाली निर्माता भी बने। 57 वर्ष की उम्र में भी अजय देवगन हिंदी सिनेमा में सक्रिय और प्रासंगिक बने हुए हैं। उनका करियर न केवल निरंतर सफलता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्रतिभा, अनुशासन और विविधता के साथ कोई कलाकार कैसे समय के साथ खुद को नया रूप दे सकता है। उनकी यात्रा भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय के रूप में दर्ज है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
