बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान अपनी तीसरी शादी को लेकर इन दिनों गंभीर विवादों में घिरे हुए हैं। हाल ही में गौरी स्प्रैट के साथ विवाह बंधन में बंधने के बाद से ही एक्टर न केवल धार्मिक संगठनों बल्कि राजनीतिक विरोध का भी सामना कर रहे हैं। इस मामले ने तब एक नया मोड़ लिया जब एक चीफ मुफ्ती ने सार्वजनिक रूप से आमिर खान की तीसरी शादी के खिलाफ फतवा जारी कर दिया। मुफ्ती ने अपने वीडियो संदेश में दावा किया कि इस्लाम के सिद्धांतों के अनुसार, एक मुस्लिम पुरुष का गैर-मुस्लिम महिला से विवाह करना धार्मिक मान्यताओं के प्रतिकूल है। उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अल्लाह के पैगाम का उल्लंघन बताया है।

आमिर खान की वैवाहिक जीवन को लेकर यह विवाद बिहार के फोर्ब्सगंज से शुरू होकर अब पूरे देश में फैल गया है। बजरंग दल के सदस्यों ने इस शादी के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और अभिनेता पर 'लव जिहाद' का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने अभिनेता का पुतला फूंका और उनके खिलाफ कठोर नारे भी लगाए। बजरंग दल के नेता मनोज सोनी ने अपनी प्रतिक्रिया में दावा किया है कि आमिर खान का बार-बार हिंदू महिलाओं से विवाह करना हिंदू समाज का अपमान है। इस विरोध प्रदर्शन के चलते अभिनेता की सुरक्षा और उनकी सामाजिक छवि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

विवाद के कानूनी और धार्मिक पहलुओं पर गौर करें तो, चीफ मुफ्ती ने कुरान के हवाले से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पुरुषों के लिए ईमान वाली मुस्लिम महिलाओं से निकाह करना ही जायज है और इस परंपरा का पालन न करना अल्लाह के सामने जवाबदेही का विषय है। हालांकि, यह पहला अवसर नहीं है जब आमिर खान अपने व्यक्तिगत निर्णयों के कारण विवादों में आए हैं। अभिनेता इससे पहले रीना दत्ता और फिल्ममेकर किरण राव के साथ वैवाहिक संबंध में रहे हैं, जिनसे वे क्रमशः 2002 और 2021 में अलग हो गए थे।

आमिर खान की गौरी स्प्रैट के साथ शादी ने एक बार फिर बॉलीवुड हस्तियों के व्यक्तिगत जीवन और सार्वजनिक आलोचनाओं के बीच के संतुलन को रेखांकित किया है। जहां एक ओर अभिनेता ने अपने निजी जीवन में आगे बढ़ने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से इसे व्यापक स्तर पर चुनौती दी जा रही है। इस घटनाक्रम का समाज पर क्या व्यापक प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन वर्तमान में यह मामला न केवल मनोरंजन जगत बल्कि सामाजिक विमर्श के केंद्र में आ गया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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