मध्य रेल ने अपने कर्मठ और सतर्क कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए 10 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान किया। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई में आयोजित समारोह में महाप्रबंधक धर्म वीर मीना ने यह पुरस्कार भेंट किए। यह सम्मान उन कर्मचारियों को दिया गया जिन्होंने ड्यूटी के दौरान सतर्कता दिखाकर संभावित रेल हादसों को टाल दिया।


मध्य रेल के 10 कर्मचारियों को GM ने दिया संरक्षा सम्मान
मध्य रेल में काम करने वाले कर्मचारियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा से लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। मंगलवार (02 सितंबर 2025) को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में मध्य रेल के महाप्रबंधक धर्म वीर मीना ने 10 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार प्रदान किया।
इस समारोह में मुंबई मंडल के 6, सोलापुर मंडल के 2 और नागपुर व पुणे मंडल के 1-1 कर्मचारी शामिल थे। पुरस्कार विजेताओं को उनकी ड्यूटी के दौरान दिखाई गई सतर्कता, दुर्घटनाओं को रोकने में योगदान और सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह सम्मान दिया गया। प्रत्येक कर्मचारी को एक पदक, प्रशंसा प्रमाण पत्र, अनुकरणीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और ₹2000/- का नकद इनाम दिया गया।
मुंबई मंडल के कर्मियों की सतर्कता :
मुंबई मंडल के मोटरमैन एन. प्रसाद ने खोपोली लोकल चलाते समय ट्रैक पर रेल हेड टूटने की जानकारी समय रहते दी और एक बड़ा हादसा टाल दिया। इसी तरह ट्रेन मैनेजर गंगेश कुमार ने अपनी सूझबूझ से दिवा-मुंब्रा सेक्शन में संभावित रेल दुर्घटना को रोक दिया। ट्रैक मेंटेनर विनोद कालू म्हात्रे, नरेश वसंत घारे और राम अनंत मुने ने अलग-अलग मौकों पर रेल फ्रैक्चर की पहचान कर तत्परता से कार्रवाई की। वहीं इलेक्ट्रिकल सिग्नल मेंटेनर विशाल बंसोड़े ने सिग्नल अनुरक्षण के दौरान पटरियों में फ्रैक्चर देखा और त्वरित कदम उठाकर सुरक्षा सुनिश्चित की।
सोलापुर मंडल में तकनीशियनों की भूमिका :
सोलापुर मंडल के टेक्नीशियन मनीष कुमार और विकास कुमार पंडित ने ओवरहेड इक्विपमेंट और पेंटोग्राफ की तकनीकी खामियों को समय रहते पकड़ लिया। उनकी सजगता से न केवल ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई बल्कि रेलवे की संपत्ति को भी नुकसान से बचाया जा सका।
नागपुर और पुणे मंडल की उपलब्धियां :
नागपुर मंडल के पॉइंट्समैन नीलेश ने ड्यूटी के दौरान एक वैगन में हॉट एक्सल देखा और तुरंत कार्रवाई करके संभावित हादसा टाल दिया। वहीं पुणे मंडल के टेक्नीशियन विश्वामित्र कुमार यादव ने रोलिंग-इन चेक के दौरान वैगन कपलिंग में खामी पकड़ी और समय रहते सूचना देकर दुर्घटना रोकी।
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महाप्रबंधक का संदेश :
पुरस्कार समारोह में महाप्रबंधक धर्म वीर मीना ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इन कर्मचारियों की सतर्कता और समर्पण दूसरों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मियों की वजह से रेलवे में यात्रियों की संरक्षा और विश्वास बना रहता है। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी चंद्र किशोर प्रसाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मध्य रेल द्वारा दिए गए ये संरक्षा पुरस्कार न सिर्फ कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाते हैं बल्कि रेलवे में सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत बनाते हैं। ऐसे पुरस्कार यह संदेश देते हैं कि सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा से लाखों यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
Editorial

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