पटना में चंदन मिश्रा हत्याकांड का खुलासा, 8 अपराधी गिरफ्तार, 190 ग्राम हेरोइन बरामद
पटना, 17 जुलाई 2025 — राजधानी पटना को हिला देने वाले चंदन मिश्रा हत्याकांड में पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में अब तक कुल 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कई कोलकाता और भोजपुर में की गई छापेमारियों के दौरान दबोचे गए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियारों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी बरामद किया है।


पटना, 17 जुलाई 2025 — राजधानी पटना को हिला देने वाले चंदन मिश्रा हत्याकांड में पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में अब तक कुल 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कई कोलकाता और भोजपुर में की गई छापेमारियों के दौरान दबोचे गए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियारों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी बरामद किया है।
घटना का विवरण
दिनांक 17 जुलाई 2025 की सुबह लगभग 07:20 बजे, पारस अस्पताल पटना में इलाजरत चंदन मिश्रा को अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना बेहद सनसनीखेज थी, क्योंकि यह एक व्यस्त अस्पताल परिसर में हुई और हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
घटना के बाद शास्त्रीनगर थाना में दो अलग-अलग कांड दर्ज किए गए —
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कांड संख्या-494/2025 — धारा 103(1), 61(2) भा.न्या.सं. 2023
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कांड संख्या-495/2025 — धारा 109(1), 61(2), 3(5) भा.न्या.सं. 2023
अनुसंधान के दौरान 5 प्रमुख अपराधियों की पहचान हुई, जिसके बाद विभिन्न जिलों में छापेमारी की गई।
कोलकाता से बड़ी गिरफ्तारी
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ पटना, कोलकाता पुलिस और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कांड के प्राथमिकी अभियुक्त तौसिफ राजा उर्फ बादशाह को गिरफ्तार किया गया। उसके साथ उसके साथी हर्ष, भीम और निशु खान को भी कोलकाता के आनंदपुर थाना क्षेत्र से दबोचा गया।
भोजपुर में मुठभेड़
इसी बीच, कांड के एक अन्य प्राथमिकी अभियुक्त बलवंत सिंह, अप्राथमिकी अभियुक्त रविरंजन कुमार सिंह और अभिषेक कुमार का भोजपुर में एसटीएफ और पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गया। मुठभेड़ में बलवंत और रविरंजन के पैर में गोली लगी, जिन्हें पीएमसीएच पटना में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्य साजिशकर्ताओं का खुलासा
जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड में विजयकांत पांडेय उर्फ रुद्र पांडेय उर्फ धन्नु (निवासी नगपुरा, सिमरी, बक्सर) और राजेश यादव (निवासी खंदरा, वार्ड संख्या-01, सिमरी, बक्सर) की भी अहम भूमिका थी। पहले से गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपने बयान में इन दोनों के नाम और भूमिका का खुलासा किया था, जिसके बाद दोनों को पूछताछ के लिए पटना लाया गया।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
पूछताछ में विजयकांत पांडेय ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, राजेश यादव ने कबूल किया कि 12 जुलाई 2025 को वह अपने दोस्त धन्नु और बलवंत के साथ पारस अस्पताल आया था और शेरू सिंह के कहने पर चंदन मिश्रा की हत्या के लिए रैकी की थी।
रैकी करने के बाद वे आनंद बिहार कॉलोनी में रहने वाले रोहित पांडेय के ठिकाने पर रुके। वहां पर वे 190 ग्राम हेरोइन (मादक पदार्थ) लेकर आए थे, जिसे रोहित पांडेय ने पुरानी किताबों के बीच छिपाकर रखा था। राजेश यादव की निशानदेही पर पुलिस ने यह मादक पदार्थ बरामद किया। इसके संबंध में रूपसपुर थाना कांड संख्या-499/2025 दिनांक 08 अगस्त 2025 दर्ज किया गया।
पुलिस का बयान
पटना पुलिस और एसटीएफ का कहना है कि यह कार्रवाई हत्याकांड और हथियार-मादक पदार्थ तस्करी, दोनों नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है। अधिकारियों का मानना है कि इस हत्याकांड के पीछे एक सुनियोजित साजिश थी और आगे की जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं।

