एसआईईएस महाविद्यालय में
एसआईईएस कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स, शीव में ‘साहित्य क्लब’ का उद्घाटन एक अत्यंत प्रेरणादायक और साहित्यिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन ने छात्रों में सृजनात्मक ऊर्जा का संचार किया और भाषा व साहित्य के प्रति उनके जुड़ाव को नई दिशा दी।
इस नए मंच की शुरुआत कॉलेज के पहले कार्यक्रम ‘हिंदी मंथन’ से हुई, जिसने छात्रों को न केवल प्रभावित किया, बल्कि उनमें साहित्य प्रेम की लहर दौड़ा दी। यह कार्यक्रम भाषा की सुंदरता और विचारों की गहराई को उजागर करने वाला एक अद्वितीय प्रयास था।
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प्राचार्याओं की प्रेरणादायक उपस्थिति :
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. शांती सुरेश और उपप्राचार्या श्रीमती संगीता कोरे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों शिक्षाविदों ने साहित्य क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए इसे छात्रों की रचनात्मक क्षमताओं को निखारने वाला कदम बताया।
डॉ. शांती सुरेश ने कहा, "इस डिजिटल युग में भी छात्रों के हृदय में भाषा और साहित्य के प्रति जो प्रेम है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है। यह क्लब उनके विचारों को नई उड़ान देगा।"
संगठन और नेतृत्व की मिसाल :
साहित्य क्लब की अध्यक्ष डॉ. नागजया कुमारी के नेतृत्व में इस पूरे आयोजन का संयोजन किया गया। प्रमुख छात्र सदस्य विराटी विसरिया, निराली झाला और निखिल बगडे ने कार्यक्रम को बेहद कुशलता और समर्पण से प्रस्तुत किया। उनकी मेहनत और संगठनात्मक क्षमताएं इस बात का प्रमाण हैं कि युवा भी आज साहित्य को लेकर कितने जागरूक और समर्पित हैं।
भविष्य की योजनाएं: बहुभाषी साहित्यिक समृद्धि
साहित्य क्लब का उद्देश्य न केवल साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन करना है, बल्कि छात्रों को तीन प्रमुख भाषाओं हिंदी, मराठी और अंग्रेज़ी में साहित्यिक मंच प्रदान करना है। आगामी समय में क्लब विभिन्न काव्यपाठ, वाद-विवाद, कहानी लेखन और नाट्य प्रस्तुतियों जैसे कार्यक्रम आयोजित करेगा जो छात्रों को अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करने और भाषाई समृद्धि को समझने का अवसर देगा।
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रचनात्मकता की ओर बढ़ता एक सशक्त कदम :
SIES कॉलेज का यह साहित्य क्लब छात्रों के लिए केवल एक मंच नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरेगा। 'हिंदी मंथन' के माध्यम से इसकी यात्रा की शुरुआत हुई है, जो भविष्य में कॉलेज को साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र बना सकता है।
Editorial

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