राहुल गांधी जमानत: मानहानि केस में राहुल गांधी की जमानत; सियासी संग्राम तेज
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को मानहानि के एक पुराने केस में बुधवार (6 अगस्त) को बड़ी राहत मिली। झारखंड के चाईबासा MP-MLA कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। यह मामला 2018 में राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। इस टिप्पणी के बाद भाजपा नेता प्रताप कटिहार ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
क्या था पूरा मामला ?
यह विवाद 28 मार्च 2018 को कांग्रेस अधिवेशन में दिए गए राहुल गांधी के बयान से शुरू हुआ। उस दौरान राहुल ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर एक विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद भाजपा नेता प्रताप कटिहार ने 9 जुलाई 2018 को चाईबासा कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया।
इस मामले में राहुल गांधी को कई बार कोर्ट से समन भेजा गया, लेकिन वे पेश नहीं हुए। बाद में केस चाईबासा CJM कोर्ट से रांची MP-MLA स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर किया गया। फिर इसे चाईबासा MP-MLA कोर्ट में वापस भेजा गया।

राहुल गांधी के खिलाफ वारंट :
मामले की सुनवाई के दौरान अप्रैल 2022 में अदालत ने जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद फरवरी 2024 में गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया। राहुल ने पेशी से छूट के लिए सीआरपीसी की धारा 205 के तहत आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
इसके खिलाफ राहुल गांधी ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट से उन्हें कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन मार्च 2024 में यह राहत खत्म हो गई। इसके बाद 22 मई 2025 को चाईबासा कोर्ट ने फिर से गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
6 अगस्त को कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी :
अंततः बुधवार को राहुल गांधी सुबह करीब 10:55 बजे कोर्ट में पेश हुए। पीटीआई के मुताबिक, राहुल गांधी के वकील ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की, जिसे मंजूर कर लिया गया। राहुल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा और दीपांकर रॉय ने अदालत में पक्ष रखा। अदालत ने सशर्त जमानत देते हुए मामले को आगे बढ़ाने का आदेश दिया।
अब आगे क्या होगा ?
जमानत मिलने के बाद यह केस ट्रायल की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। कोर्ट अब अगली तारीख पर गवाहों और सबूतों की सुनवाई करेगा।
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राजनीतिक महत्व क्यों ?
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला ऐसे समय में सुर्खियों में आया है जब देश में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज है। इससे पहले भी राहुल गांधी को गुजरात के सूरत कोर्ट में ‘मोदी सरनेम’ बयान पर सजा मिली थी, जिसके चलते उनकी लोकसभा सदस्यता भी रद्द हुई थी। इस केस का जुड़ाव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से होने के कारण इसे बड़ा राजनीतिक मामला माना जा रहा है।
Editorial

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