पटना, 6 अगस्त। बिहार पुलिस में इस वर्ष नवनियुक्त 21,391 सिपाहियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की ऐतिहासिक पहल 21 जुलाई 2025 से शुरू हो चुकी है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों को एक साथ 9 महीने का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं।




जीविका दीदी करेंगी भोजन प्रबंधन


प्रशिक्षण के दौरान सिपाहियों के भोजन की व्यवस्था 'जीविका दीदियों' को सौंपी गई है। इसको लेकर पुलिस मुख्यालय और जीविका के बीच एमओयू (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह कदम न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी एक अहम पहल है।



पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर सिपाही शामिल

एडीजी (प्रशिक्षण) संजय कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस बार के प्रशिक्षण बैच में:

  • 10,207 पुरुष सिपाही

  • 11,176 महिला सिपाही,

  • तथा 8 ट्रांसजेंडर सिपाही शामिल हैं।
    इनमें 5 महिला ट्रांसजेंडर और 3 पुरुष ट्रांसजेंडर हैं, जिन्हें समान रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।




1500 प्रशिक्षकों की तैनाती, भत्ते में होगा इजाफा

इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों को प्रशिक्षित करने के लिए 1,500 प्रशिक्षकों को तैनात किया गया है। वर्तमान में इन्हें 6वें वेतन आयोग के अनुसार 12% प्रशिक्षण भत्ता दिया जा रहा है, लेकिन अब इसे 20% तक बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।




राज्यभर में प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय

सभी सिपाहियों को विभिन्न जिला प्रशिक्षण केंद्रों, बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (BSAP) बटालियनों, नाथनगर, CRPF, SSB जैसे राष्ट्रीय बलों के प्रशिक्षण केंद्रों में भेजा गया है।

बाढ़ स्थित CRPF केंद्र में महिला सिपाहियों की विशेष ट्रेनिंग चल रही है, जो अन्य की तुलना में अधिक सशक्त और केंद्रित है।




नया सिलेबस, नई सोच

एडीजी संजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सिपाहियों को दिए जाने वाले इंडोर प्रशिक्षण के लिए नया कंपेंडियम (पाठ्यक्रम) तैयार किया गया है, जिसमें 70% से अधिक बदलाव किए गए हैं।

इसमें हाल ही में लागू BNS (भारतीय न्याय संहिता) के साथ-साथ:

  • छापेमारी के तरीके,

  • हथकड़ी लगाने की प्रक्रिया,

  • गिरफ्तारी की वैधानिक प्रक्रिया,

  • तथा अन्य कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं को भी शामिल किया गया है।




उद्देश्य – बेहतर, सशक्त और आधुनिक पुलिस बल

बदलते दौर की चुनौतियों और तकनीकी-वैधानिक बदलावों के अनुरूप तैयार इस नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य सिपाहियों को न केवल कानून की गहराई से समझ देना है, बल्कि उन्हें जमीनी हकीकत में तेजी से निर्णय लेने में सक्षम बनाना भी है।




बिहार पुलिस का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य की कानून-व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ पुलिस बल को अधिक सशक्त, आधुनिक और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है

Editorial

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