Satyapal Malik Death : पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक का 77 साल की उम्र में निधन
Satyapal Malik Death : जम्मू-कश्मीर, गोवा, बिहार और मेघालय के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक का मंगलवार को निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उन्होंने दोपहर 1:10 बजे अंतिम सांस ली। यह जानकारी उनके निजी सचिव केएस राणा ने दी।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सत्यपाल मलिक को किडनी संबंधी समस्याएं थीं और पिछले कई दिनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी निधन की पुष्टि की गई।
अनुच्छेद 370 हटने के समय थे जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल :
सत्यपाल मलिक का नाम भारतीय राजनीति में एक बड़े और विवादित फैसले के साथ जुड़ा है। 2019 में जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35ए को हटाया गया, उस समय वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे। इसके बाद जब जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया, तो वह उपराज्यपाल बने।

कैसा रहा सत्यपाल मलिक का राजनीतिक सफर ?
सत्यपाल मलिक का जन्म 24 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के बागपत में हुआ। उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। छात्र जीवन से ही उन्होंने राजनीति में सक्रियता दिखाई। 1968-69 में वह छात्र संघ के अध्यक्ष बने और 1974 में पहली बार विधायक चुने गए।
उन्होंने जनता दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, लोकदल, समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी जैसी कई पार्टियों में काम किया। 1989 में वह अलीगढ़ से 9वीं लोकसभा सांसद बने। इसके अलावा 1980 से 1989 तक राज्यसभा सदस्य भी रहे।
सत्यपाल मलिक सितंबर 2017 से अगस्त 2018 तक बिहार के राज्यपाल रहे। इसके बाद मार्च 2018 से अगस्त 2018 तक ओडिशा के प्रभारी राज्यपाल, 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल, नवंबर 2019 से अगस्त 2020 तक गोवा के राज्यपाल और फिर 2020 से 2022 तक मेघालय के राज्यपाल रहे।
किसानों की आवाज और बेबाक बयान :
सत्यपाल मलिक अपने बेबाक बयानों और किसानों के पक्ष में उठाई गई आवाज के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कृषि आंदोलन, भ्रष्टाचार और कई राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर राय दी। उनकी यही छवि उन्हें अन्य गवर्नरों से अलग करती थी।
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राजनीतिक हस्तियों और नेताओं ने जताया शोक :
उनके निधन पर कई नेताओं ने शोक जताया। अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, "सत्यपाल मलिक जी का निधन अत्यंत दुखद है, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।" भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े सत्यपाल मलिक किसानों की आवाज थे।
जेडीयू नेता केसी त्यागी ने उन्हें पश्चिमी यूपी की मजबूत आवाज बताया। रालोद और कांग्रेस नेताओं ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। सत्यपाल मलिक का निधन भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कई राज्यों में राज्यपाल रहते हुए अहम फैसलों का हिस्सा बने और अपनी बेबाक छवि के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
Editorial

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