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मुंबई। मुनि कुलदीप कुमार एवं मुनि मुकुल कुमार के सान्निध्य में जैन वाङ्मय अप्पदीवों भव कार्यशाला "आत्मदर्शन का दर्पण-प्रतिक्रमण" कार्यशाला का आयोजन तेरापंथ भवन कांदिवली में किया गया। आयोजन में मुनि कुलदीप कुमार ने कहा कि विघ्न हरण की ढाल अत्यंत प्रभावी और समस्त संकटों का नाश करने वाली है। मुनि मुकुल कुमार ने कहा कि सभी संप्रदायों में आत्मविशुद्धि के लिए अनेक प्रयोग किए जाते हैं। जैन प्रतिक्रमण में तीनों कालों का समावेश किया गया है। अतीत के पापों की आलोचना, वर्तमान के दोषों का संवर एवं भविष्य में पाप न करने का संकल्प ही प्रतिक्रमण का उद्देश्य है।
Editorial

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