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Adani Group : अफवाहों पर विराम; अडानी ग्रुप का बयान सुनकर चीन तक हलचल
By EditorialPublished on
Adani Group : अडानी ग्रुप ने चीन की इलेक्ट्रिक व्हीकल दिग्गज कंपनी BYD के साथ किसी भी डील या साझेदारी की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा, अडानी ग्रुप भारत में बैटरी निर्माण के लिए BYD के साथ किसी भी प्रकार के सहयोग की संभावना नहीं तलाश रहा है। इस स्पष्टीकरण के बाद चीन के साथ डील की अटकलों पर विराम लग गया है।
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अडानी ग्रुप ने सोमवार को उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि समूह बैटरी विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चीन की कंपनियों BYD और बीजिंग वेलियन न्यू एनर्जी टेक्नोलॉजी के साथ गठजोड़ की संभावना तलाश रहा है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया कि ये सभी खबरें गलत और भ्रामक हैं।
अडानी ग्रुप का आधिकारिक बयान :
समूह की ओर से जारी बयान में कहा गया, "अडानी ग्रुप भारत में बैटरी निर्माण के लिए BYD के साथ किसी भी प्रकार के सहयोग की संभावना नहीं तलाश रहा है। इसी तरह, हम बीजिंग वेलियन न्यू एनर्जी टेक्नोलॉजी के साथ भी किसी प्रकार की साझेदारी के लिए कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं।"
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि गौतम अडानी व्यक्तिगत रूप से BYD के अधिकारियों के साथ भारत में बैटरी निर्माण और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर चर्चा कर रहे हैं। अडानी ग्रुप ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह बेबुनियाद बताया।
अडानी ग्रुप का मौजूदा ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो :
अडानी ग्रुप ने कहा कि उसके पास पहले से ही स्वच्छ ऊर्जा का विशाल पोर्टफोलियो है। इसमें सौर मॉड्यूल निर्माण, पवन ऊर्जा उपकरण और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। समूह अपने सौर मॉड्यूल निर्माण को 10 गीगावाट प्रति वर्ष तक बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
इसके साथ ही अडानी ग्रुप अपनी पवन टरबाइन निर्माण क्षमता को लगभग दोगुना करके 5 गीगावाट प्रति वर्ष करना चाहता है। समूह ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण सुविधा स्थापित करने की योजना पर भी विचार कर रहा है।
अगले 5 वर्षों में 1 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य :
अडानी ग्रुप ने अगले पांच वर्षों में 1000 बिलियन (1 लाख करोड़ रुपये) के पूंजीगत निवेश का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि इस निवेश से भारत के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा।
समूह का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसमें शामिल हैं:
- थर्मल और रिन्यूएबल पावर जेनरेशन
- ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन
- एलएनजी, पीएनजी, सीएनजी, एलपीजी सप्लाई
- बैटरी स्टोरेज और हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी
- हाइड्रोजन ट्रक्स और ईवी चार्जिंग स्टेशन
- माइनिंग और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स
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इसके अलावा अडानी ग्रुप भारत का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता है और एयरोस्पेस, डिफेंस, डेटा सेंटर और रियल एस्टेट में भी सक्रिय है।
चीन के साथ डील की अफवाहों पर ब्रेक :
BYD और अन्य चीनी कंपनियों के साथ साझेदारी की खबरों को खारिज कर अडानी ग्रुप ने साफ कर दिया है कि वह स्वच्छ ऊर्जा और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स में पूरी तरह आत्मनिर्भर रणनीति अपना रहा है।

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