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मुंबई। राज्य के पुराने वाहनों अर्थात 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों पर उच्च सुरक्षा पंजीयन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के लिए अब केवल 13 दिन शेष हैं। वर्तमान में राज्य में 58 लाख पुराने वाहनों पर 'एचएसआरपी' लगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 अगस्त के बाद जिन पुराने वाहनों पर 'एचएसआरपी' नहीं लगी होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राज्य में लगभग 2 करोड़ पुराने वाहन हैं। वर्तमान में लगभग 40 लाख पुराने वाहनों पर एचएसआरपी लगाई जा चुकी है। 18 लाख वाहन मालिकों ने एचएसआरपी के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर आरक्षण किया है। 1 अप्रैल 2019 के बाद पंजीकृत नए वाहनों पर डीलर द्वारा ही एचएसआरपी लगाई जा रही है। पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, कोल्हापुर, नागपुर जैसे विभाग एचएसआरपी लगाने में अग्रणी हैं।

पुराने वाहन मालिकों का कहना है कि उन्होंने आवेदन करने के बावजूद संबंधित कंपनियों से 'एचएसआरपी' नहीं मिल रही है। हालांकि पुराने वाहनों पर 'एचएसआरपी' लगाने के लिए प्लेट का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है, लेकिन मांग कम होने की बात बार-बार सामने आ रही है। ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण पंजीकरण से लेकर अपॉइंटमेंट की तारीख तक की वास्तविक जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो रही है।

पुराने वाहन चालकों में 'एचएसआरपी' लगवाने के लिए आज भी बड़े पैमाने पर जनजागृति की आवश्यकता है। वहीं, नए वाहन खरीदते समय डीलर द्वारा सीधे 'एचएसआरपी' लगाकर ही वाहन सड़कों पर लाए जा रहे हैं। पुराने वाहनों में से अनुमानित 20 से 25 प्रतिशत वाहन कबाड़ की स्थिति में हैं और वे यातायात से बाहर हो चुके हैं। निजी स्तर पर कबाड़ में खत्म किए गए वाहनों की संख्या भी बड़ी है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक जानकारी दर्ज नहीं होती। इसलिए 100 प्रतिशत पुराने वाहनों पर 'एचएसआरपी' लगाना अत्यंत कठिन है, ऐसा वरिष्ठ परिवहन अधिकारियों ने बताया।



Editorial

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