Shibu Soren Death : JMM के संस्थापक शिबू सोरेन का निधन; पूरे राज्य में मातम
Shibu Soren Death :
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार सुबह निधन हो गया। 80 वर्षीय शिबू सोरेन पिछले कई दिनों से दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। उनका इलाज किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों के लिए चल रहा था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सुबह 8:56 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
शिबू सोरेन, जिन्हें प्यार से 'दिशोम गुरु' कहा जाता था, झारखंड की राजनीति में एक मजबूत स्तंभ रहे। उन्होंने आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-ज़मीन और झारखंड राज्य की स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। झारखंड सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
हेमंत सोरेन ने दी जानकारी, कहा- "मैं शून्य हो गया हूँ"
झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश में लिखा, "आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूँ।" पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए यह खबर बेहद दुखद है।
PM मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया दुख :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन के निधन पर शोक जताते हुए लिखा, "शिबू सोरेन जी एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने आदिवासी समाज और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए लंबा संघर्ष किया। उनके निधन से गहरा दुख हुआ।" इसके अलावा लालू प्रसाद यादव, अशोक गहलोत, अरविंद केजरीवाल, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। राज्यसभा में भी श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
झारखंड आंदोलन और राजनीतिक सफर :
शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को बिहार (अब झारखंड) के हजारीबाग में हुआ था। उन्होंने 1970 के दशक में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना की और झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री (2005, 2008, 2009) रहे और केंद्र में कोयला मंत्री भी बने। हालांकि, किसी भी कार्यकाल को वे पूरा नहीं कर सके।
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झारखंड में शोक की लहर :
झारखंड के सभी जिलों में शोक का माहौल है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इसे एक युग का अंत बताया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, "झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन हमेशा याद किए जाएंगे।" राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे जनजातीय अस्मिता और अधिकार के सशक्त स्वर थे। 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन का जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
Editorial

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