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IND vs ENG : ओवल में सिर्फ 6 रन से जीता भारत! जानिए जीत के 5 बड़े हीरो
By EditorialPublished on
IND vs ENG : भारत बनाम इंग्लैंड 5वां टेस्ट ओवल में रोमांचक अंदाज में खत्म हुआ, जहां टीम इंडिया ने सिर्फ 6 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह मुकाबला आखिरी ओवर तक चला और क्रिकेट फैंस को सांसें थामने पर मजबूर कर दिया। भारत की इस जीत के पीछे कई अहम कारण रहे। आइए जानते हैं वे 5 बड़े फैक्टर, जिन्होंने टीम इंडिया को इंग्लैंड पर ओवल में जीत दिलाई।
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भारत ने ओवल में खेले गए 5वें टेस्ट में इंग्लैंड को सिर्फ 6 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। यह भारत की टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम अंतर से आई जीत है। इसके साथ ही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई। यह मुकाबला आखिरी ओवर तक चला और क्रिकेट फैंस के लिए रोमांच से भरा रहा। पहली पारी में 224 रन पर सिमटने के बाद भी भारत ने कैसे जीत दर्ज की, इसके पीछे 5 बड़े कारण रहे।
1. मोहम्मद सिराज की लीडरशिप और घातक गेंदबाजी :
इस टेस्ट में जसप्रीत बुमराह नहीं खेल रहे थे, ऐसे में भारत के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज थे। उन्होंने न केवल पेस अटैक को लीड किया बल्कि मैच में 9 विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज असहज नजर आए। सिराज की बॉडी लैंग्वेज और आक्रामकता ने पूरी टीम को ऊर्जा दी। उनके साथ गेंदबाजी कर रहे प्रसिद्ध कृष्णा और आकाशदीप भी उनके लीडरशिप से प्रेरित नजर आए।
2. बल्लेबाजी में गहराई ने दिलाई मजबूती :
पहली पारी में भारत के 6 विकेट सिर्फ 153 रन पर गिर गए थे। लेकिन निचले क्रम ने 71 रन जोड़े और स्कोर को 224 तक पहुंचाया। वहीं दूसरी पारी में वाशिंगटन सुंदर की 53 रनों की शानदार पारी ने भारत को 396 तक पहुंचाया। अगर यह रन नहीं आते तो इंग्लैंड को 330-340 का लक्ष्य मिलता, जो इंग्लिश टीम के लिए आसान हो सकता था।
3. गेंदबाजी में मिला जबरदस्त सपोर्ट :
अक्सर भारत के मुख्य गेंदबाज को सपोर्ट नहीं मिलता, लेकिन इस मैच में ऐसा नहीं हुआ। मोहम्मद सिराज के 9 विकेट के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने भी 8 विकेट झटके। दोनों ने मिलकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी लाइन-अप को तोड़ दिया। खासकर पांचवें दिन पुराने बॉल से मिली मूवमेंट ने इंग्लैंड के लिए हालात मुश्किल कर दिए।
4. नई गेंद नहीं लेने का मास्टरस्ट्रोक :
पांचवें दिन इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 35 रन चाहिए थे। 80 ओवर पूरे होने के बाद भारत नई गेंद ले सकता था, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने पुरानी गेंद से खेलना जारी रखा। यह फैसला सही साबित हुआ क्योंकि पुरानी गेंद स्विंग कर रही थी और बल्लेबाज बीट हो रहे थे। अगर नई गेंद ली जाती तो इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना आसान हो सकता था।
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5. यशस्वी जायसवाल का सही समय पर शतक :
यशस्वी जायसवाल पिछली 6 पारियों में फ्लॉप हो रहे थे, लेकिन ओवल टेस्ट में उन्होंने सबसे बड़ी पारी खेली। दूसरी पारी में उन्होंने 118 रन ठोककर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। यह पारी भारत की जीत की सबसे बड़ी नींव साबित हुई। 6 रन से मिली यह जीत भारत के टेस्ट इतिहास की सबसे करीबी जीत है, जिसने सीरीज को 2-2 से बराबरी पर खत्म किया। यह मुकाबला लंबे समय तक फैंस को याद रहेगा।

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