Anil Ambani Loan Fraud Case : लोन फ्रॉड केस में नया मोड़, अनिल अंबानी पर शिकंजा कसने की तैयारी
अनिल अंबानी लोन फ्रॉड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तलब करने के बाद अब एजेंसी कई बैंकों के अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है। माना जा रहा है कि यदि लिखित जवाब से संतोषजनक जानकारी नहीं मिली तो बैंकरों को व्यक्तिगत रूप से बुलाया जाएगा।
ED ने बैंकों को भेजा नोटिस :
NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने 12-13 बैंकों को लेटर भेजा है। इसमें रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस को दिए गए लोन के एक्सेप्टेंस प्रोसेस, चूक की समय-सीमा और रिकवरी एक्शन की जानकारी मांगी गई है।
जिन बैंकों को नोटिस भेजा गया है, उनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), ICICI बैंक, HDFC बैंक, एक्सिस बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल होने की संभावना है। ईडी ने साफ किया है कि अगर लिखित जवाब से संतोष नहीं हुआ, तो बैंकरों से आमने-सामने पूछताछ की जाएगी।

अनिल अंबानी से 5 अगस्त को पूछताछ :
ईडी ने अनिल अंबानी को 5 अगस्त को पेश होने के लिए बुलाया है। इससे पहले एजेंसी ने मुंबई में रिलायंस ग्रुप से जुड़े 35 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में करीब 50 कंपनियों और 25 व्यक्तियों के नाम सामने आए थे।
ईडी के मुताबिक, जांच में पता चला कि अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों और सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को दी गई 68.2 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी के बीच संबंध हैं। यह फर्जी गारंटी कथित रूप से ADAG ग्रुप की कंपनियों मेसर्स रिलायंस एनयू बेस लिमिटेड और मेसर्स महाराष्ट्र एनर्जी जनरेशन लिमिटेड के नाम पर जारी की गई थी।
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फर्जी SBI डोमेन का इस्तेमाल :
ईडी की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिलायंस ग्रुप ने इस फर्जी गारंटी को असली दिखाने के लिए SBI के आधिकारिक डोमेन 'sbi.co.in' की नकल करते हुए नकली ईमेल डोमेन 's-bi.co.in' का इस्तेमाल किया। ईडी ने इस नकली डोमेन के सोर्स और डिजिटल फुटप्रिंट का पता लगाने के लिए नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) से डोमेन रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड मांगा है।
ED की जांच का अगला चरण और बढ़ी अनिल अंबानी की मुश्किलें :
17,000 करोड़ रुपये के इस कथित लोन फ्रॉड केस में ईडी की जांच का दायरा अब बैंकों तक बढ़ गया है। अगर बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो पूछताछ और गिरफ्तारी दोनों की संभावना है। इस बीच, अनिल अंबानी से होने वाली पूछताछ पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
Editorial

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