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ठाणे। गोल्ड स्कीम में निवेश पर मूलधन पर ज्यादा ब्याज के साथ तगड़ा रिटर्न कैश में या फिर गोल्ड जूलरी में देने का झांसा देकर एक हजार से ज्यादा निवेशकों से ढाई करोड़ (2.5 crores) की ठगी के मामले में ठाणे के जूलर को सात साल की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर दो साल के साधारण कारावास की सजा दी गई है। साथ ही, एमपीआईडी (MPID) धारा के तहत छह साल कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, नौपाडा के विष्णुनगर में पंचशील अपार्टमेंट मेंसंतोष शेलार (56) ने त्रिमूर्ति रत्न नाम से एक जूलरी शॉप खोली थी। जूलर शेलार ने अपने ग्राहकों और निवेशकों के लिए एक लुभावनी गोल्ड स्कीम शुरू की थी। इस स्कीम के तहत उसने ग्राहकों और निवेशकों को सोने में 15 महिने तक निवेश करने पर मूल रकम पर ज्यादा ब्याज देने का वादा किया था। जिन ग्राहकों को यह तगड़ा रिटर्न गोल्ड जूलरी के तौर पर चाहिए होगा उनके लिए जूलर ने गोल्ड जूलरी देने का वादा किया था। जूलर शेलार ने कई निवेशकों को इस स्कीम का झांसा देकर अपनी ठगी का शिकार बनाया। मौजूदा मामले में शिकायतकर्ता और उनके बेटे ने जूलर शेलार के पास तीस हजार रुपये का निवेश किया था। लेकिन मोहलत खत्म होने के बाद भी जूलर ने शिकायतकर्ता और उनके बेटे को ना तो वादे के मुताबिक निवेश की रकम मोटे रिटर्न के साथ लौटाई और नाही कोई गोल्ड जूलरी दी। नौपाडा पुलिस ने वर्ष 2019 में जूलर के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में शेलार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में एक हजार 98 निवेशकों के साथ 2 करोड़ 50 लाख से अधिक रकम की ठगी होने का खुलासा हुआ। इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने शेलार को दोषी करार देते हुए कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि शेलार के साथ ही सहआरोपी दीपक गोपाल और अनिल शिंदे को निर्दोष मानते हुए अदालत ने रिहा कर दिया है।
Editorial

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