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Stock Market This Week : शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे फेड और ग्लोबल फैक्टर्स
By EditorialPublished on
Stock Market के लिए यह हफ्ता बेहद अहम रहने वाला है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा का कहना है कि बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में से एक होगा 27 अगस्त की डेडलाइन, जो अमेरिकी सरकार की भारतीय एक्सपोर्ट पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना से जुड़ी है।

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इस हफ्ते घरेलू Stock Market This Week कई अहम वैश्विक और घरेलू फैक्टर पर निर्भर रहेगा। इनमें सबसे प्रमुख है अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में संभावित कटौती का संकेत। बाजार जानकारों का मानना है कि यदि फेड दरों में ढील देता है तो इसका सीधा असर घरेलू शेयर बाजार की सेंटीमेंट पर पड़ेगा और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही अमेरिकी टैरिफ की डेडलाइन, एफआईआई की भागीदारी, वैश्विक रुझान और व्यापक आर्थिक आंकड़े भी इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में अहम रहेंगे।
फेडरल रिजर्व पर नजर :
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने जैक्सन हॉल संगोष्ठी में अपने भाषण के दौरान ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए। इसके बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में तेज उछाल देखने को मिला और डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ। घरेलू निवेशकों को उम्मीद है कि इस पॉलिसी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी सकारात्मक होगा।
अमेरिकी टैरिफ का असर :
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च चीफ संतोष मीणा का कहना है कि एक और बड़ा फैक्टर है भारतीय एक्सपोर्ट पर अमेरिकी सरकार द्वारा प्रस्तावित 25% अतिरिक्त शुल्क। इसके लिए 27 अगस्त की डेडलाइन तय है। उनका मानना है कि यदि इस मामले में स्पष्टता नहीं आई तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भागीदारी कमजोर रह सकती है। यह पहलू Stock Market This Week पर बड़ा दबाव बना सकता है।
वैश्विक रुझानों से समर्थन :
बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिकी बाजारों के मजबूत क्लोजिंग से भारतीय बाजारों को कुछ हद तक समर्थन मिल सकता है। शुक्रवार को डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.89%, नैस्डैक कंपोजिट 1.88% और एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.52% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसका असर सोमवार को घरेलू बाजार की शुरुआत पर दिख सकता है।
ब्रोकरेज फर्मों की राय :
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वी. के. विजयकुमार का कहना है कि जेरोम पॉवेल के भाषण से सितंबर में फेड दरों में कटौती की उम्मीद बनी है, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत का संकेत हो सकता है। दूसरी ओर, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका का मानना है कि घरेलू स्तर पर जीएसटी 2.0 सुधारों और मजबूत आर्थिक संकेतों से बाजार में तेजी का रुझान जारी रह सकता है।
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पिछले हफ्ते का प्रदर्शन :
पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 709.19 अंक या 0.87% चढ़ा था, जबकि निफ्टी 238.8 अंक या 0.96% बढ़ा। यह रुझान दर्शाता है कि निवेशकों की धारणा अभी सकारात्मक है। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ विवाद और आने वाले भारत-अमेरिका के जीडीपी आंकड़े बाजार की दिशा को बदल सकते हैं।
कुल मिलाकर, Stock Market This Week का रुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति, अमेरिकी टैरिफ विवाद, वैश्विक रुझानों और एफआईआई की गतिविधियों पर टिका हुआ है। निवेशकों को सतर्क रहना होगा और बड़े फैसलों का असर देखते हुए ही अपनी रणनीति बनानी होगी। आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, लेकिन सकारात्मक ग्लोबल संकेत भारतीय बाजार को सहारा देने की उम्मीद रखते हैं।

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