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मुंबई। मेवाड़ संघ मुंबई उपसंघ सांताक्रूज में पर्युषण के छठे दिन विश्वास मसा ने कहा कि ज़िन्दगी का सफर यादि महावीर के साथ तय किया तो आप भव से पार हो सकते हैं। अधर्म से जुड़े रहे परिवार के साथ सफर तय करते रहोगे तो संसार में भटकते रहोगे। जीवन आशा में है निराशा में नहीं। भगवान से सच्चा प्रेम अपनी आत्मा के अंदर की खोज करना सिखाता है। हमारा आवरण ऐसा बना रखें कि जिससे सभी हमारे मित्र बने, न की शत्रु। भगवान ने हमें अमर संदेश दिया है, "जियो और जीने दो" हमें कहाँ बोलना क्या बोलना, कैसा सुनना इसका विवेक होना चाहिए। जीवन को सार्थक करने के लिए स्वयं का चिंतंन करना जारी रखे। चिंतन के बिना आपका जीवन संवर नहीं सकता है। भगवान महावीर ने राह बताई है, मगर उस पर चले बिना सफर आसान नहीं हो सकती है। महिला मंडल अध्यक्ष प्रीति पामेचा के अनुसार साध्वी आरजु मसा ने अतंगढ़ सूत्र की व्याख्या करते हुए अर्जुन माली ने किस प्रकार सयंम लेकर क्षमा को धारण किया इस विषय पर ध्यान आकर्षित किया। यह जानकारी महिला मंडल मंत्री दीपिका पामेचा ने दी।
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