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नई जिम्मेदारी! अनीश दयाल सिंह को मिला डिप्टी NSA पद
By EditorialPublished on
Anish Dayal Singh Deputy NSA: प्रयागराज के पूर्व आईपीएस अधिकारी अनीश दयाल सिंह को डिप्टी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है। करीब तीन दशकों तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में सेवा देने वाले सिंह ने सीआरपीएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसी अहम अर्धसैनिक बलों की कमान भी संभाली है।

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Anish Dayal Singh Deputy NSA : देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले और लंबे समय तक खुफिया सेवा से जुड़े रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी अनीश दयाल सिंह को डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (Deputy NSA) नियुक्त किया गया है। Anish Dayal Singh Deputy NSA नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा दोनों ही मोर्चों पर चुनौतियां बनी हुई हैं।
प्रयागराज से दिल्ली तक का सफर :
अनीश दयाल सिंह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं और मणिपुर कैडर से उनका नाता रहा। उनका जन्म 1964 में प्रयागराज में हुआ था। पढ़ाई-लिखाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और आईपीएस बनने का सपना साकार किया। उनकी सादगी, अनुशासन और कड़ी मेहनत ने उन्हें जल्दी ही अलग पहचान दिलाई।
खुफिया सेवा में लंबा अनुभव :
करीब तीन दशक तक उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान वह ज्वाइंट डायरेक्टर और स्पेशल डायरेक्टर जैसे बड़े पदों पर रहे। कई अहम खुफिया अभियानों की रणनीति और अमल उनकी देखरेख में हुआ। सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि उनका यह अनुभव उन्हें Anish Dayal Singh Deputy NSA पद पर और प्रभावी बनाएगा।
ITBP और SSB की कमान :
अक्टूबर 2022 में अनीश दयाल सिंह को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) का महानिदेशक बनाया गया। इसके साथ ही उन्हें सशस्त्र सीमा बल (SSB) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई। दोनों ही बलों की कमान संभालते हुए उन्होंने सीमा सुरक्षा, सैनिकों के मनोबल और संगठन की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया। चीन सीमा पर ITBP की तैयारियों को दुरुस्त करने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
CRPF में अहम योगदान :
1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के डायरेक्टर जनरल रहे। उनके कार्यकाल में नक्सल प्रभावित इलाकों में कई बड़े सुधार किए गए। नक्सल-ग्रस्त क्षेत्रों में FOBs (Forward Operating Bases) की स्थापना की गई, CRPF की चार नई बटालियन जोड़ी गईं और बल का पुनर्गठन कर उसकी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाई गई। इन बदलावों का असर जमीनी स्तर पर दिखा और सुरक्षा अभियानों में सफलता मिली।
नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें :
अब Anish Dayal Singh Deputy NSA के तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की टीम में शामिल हो गए हैं। देश की सुरक्षा रणनीति तय करने और उसे लागू करने में उनकी भूमिका अहम होगी। माना जा रहा है कि खुफिया सेवा का लंबा अनुभव, अर्धसैनिक बलों का नेतृत्व और जमीनी स्तर पर सुरक्षा चुनौतियों को समझने की उनकी क्षमता इस पद पर बड़ा योगदान देगी।
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क्यों अहम है यह नियुक्ति ?
पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवाद, आतंकवाद, नक्सलवाद और साइबर सिक्योरिटी जैसी चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि Anish Dayal Singh Deputy NSA पद पर उनकी नियुक्ति से राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा और भी मजबूत होगा।

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