बिहार में उद्योगों को नई रफ्तार: कैबिनेट ने दी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 को मंजूरी
बिहार सरकार ने राज्य में उद्योगों को गति देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 को हरी झंडी दे दी गई। इस पैकेज के तहत बड़े पैमाने पर निवेश करने वाली कंपनियों को मुफ्त जमीन, टैक्स में छूट और पूंजीगत सब्सिडी समेत कई रियायतें दी जाएंगी।


पटना, 26 अगस्त। बिहार सरकार ने राज्य में उद्योगों को गति देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 को हरी झंडी दे दी गई। इस पैकेज के तहत बड़े पैमाने पर निवेश करने वाली कंपनियों को मुफ्त जमीन, टैक्स में छूट और पूंजीगत सब्सिडी समेत कई रियायतें दी जाएंगी।
बैठक में कुल 26 एजेंडे मंजूर किए गए, लेकिन उद्योग जगत के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैसला यही रहा। मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी और बताया कि यह पैकेज बिहार के औद्योगिक ढांचे को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा।
उद्योगों को मिलेगा मुफ्त जमीन और टैक्स में छूट
नए पैकेज के तहत यदि कोई कंपनी 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करती है और कम से कम 1,000 लोगों को रोजगार देती है, तो उसे 10 एकड़ तक की मुफ्त जमीन मिलेगी। वहीं, 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करने वाली कंपनियों को 25 एकड़ तक जमीन मुफ्त दी जाएगी। खास बात यह है कि फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ जमीन मुफ्त देने का प्रावधान रखा गया है।
यह जमीन बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) द्वारा चिन्हित औद्योगिक पार्कों में 1 रुपये टोकन मनी के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा जो कंपनियां इस श्रेणी से बाहर होंगी, उन्हें BIADA की जमीन आधी कीमत पर मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी और इस दौरान निवेश करने वाली सभी कंपनियां इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगी।
तीन तरह की वित्तीय सहायता
बिहार सरकार ने उद्योग लगाने वालों के लिए तीन विकल्प आधारित वित्तीय सहायता की भी घोषणा की है।
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पहला विकल्प: बैंक से लिए गए लोन पर ब्याज में सहायता। कंपनियों को 40 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी और स्टेट जीएसटी (SGST) में 100% छूट दी जाएगी।
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दूसरा विकल्प: 14 वर्षों तक SGST की प्रतिपूर्ति दी जाएगी, जो परियोजना लागत का 300% तक हो सकती है।
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तीसरा विकल्प: पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) दी जाएगी, जो परियोजना की कुल लागत का 30% तक होगी।
इन विकल्पों में से कोई भी एक सहायता कंपनी चुन सकती है। यह लचीला प्रावधान निवेशकों को अपनी सुविधा के अनुसार लाभ उठाने का अवसर देगा।
निर्यात और टेक्सटाइल कंपनियों को अतिरिक्त लाभ
राज्य सरकार ने निर्यात और टेक्सटाइल सेक्टर को भी विशेष बढ़ावा देने का ऐलान किया है।
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निर्यात प्रोत्साहन: निर्यात करने वाली कंपनियों को 14 वर्षों तक हर साल 40 लाख रुपये की छूट मिलेगी।
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टेक्सटाइल सेक्टर: ऐसे उद्यम जो प्रति कर्मी को 5,000 रुपये मासिक वेतन देते हैं, उन्हें ईएसआई और ईपीएफ में 300% तक लाभ मिलेगा। वहीं, 2,000 रुपये मासिक वेतन देने वाली इकाइयों को 100% लाभ मिलेगा।
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इसके अलावा कंपनियों को पर्यावरण संरक्षण अनुदान, रिन्यूएबल एनर्जी उपयोग प्रोत्साहन और कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) डेवलपमेंट जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।
32 नए औद्योगिक पार्क बनेंगे
बिहार सरकार ने राज्यभर में 32 नए औद्योगिक पार्क विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए अब तक 14,600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इनमें से 2,700 एकड़ सरकारी जमीन है, जबकि शेष BIADA द्वारा अधिग्रहित की गई है।
कुछ प्रमुख स्थान जहाँ औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे:
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पूर्णिया (के-नगर अंचल): 279.65 एकड़ जमीन, लागत 66.91 करोड़ रुपये।
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दरभंगा (बहादुरपुर मौजा): 385.45 एकड़, लागत 376 करोड़ रुपये।
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शिवहर (तरियानी अंचल): 270 एकड़, लागत 105 करोड़ रुपये।
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रोहतास (शिवसागर अंचल): 492.85 एकड़, लागत 154 करोड़ रुपये।
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शेखपुरा (चेवड़ा अंचल): 250 एकड़, लागत 42.16 करोड़ रुपये।
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भोजपुर (तरारी अंचल): 249.48 एकड़, लागत 52.62 करोड़ रुपये।
औद्योगिक पार्कों को रेल और सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करते हुए विकसित किया जा रहा है ताकि निवेशकों को लॉजिस्टिक की समस्या न हो।
पटना में बनेगा फिनटेक सिटी
बिहार सरकार ने गुजरात की गिफ्ट सिटी (Gandhinagar-Ahmedabad) की तर्ज पर पटना जिले के फतुहा अंचल में फिनटेक सिटी विकसित करने की घोषणा की है।
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इसके लिए 242 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
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कुल परियोजना लागत होगी 408 करोड़ रुपये।
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इसे मल्टी-मॉडल हब के पास विकसित किया जाएगा ताकि लॉजिस्टिक सुविधा आसानी से उपलब्ध हो।
इस फिनटेक सिटी का उद्देश्य नवाचार आधारित उद्यम, हाई-टेक कंपनियों और निर्यात उन्मुख उद्योगों को एक ही परिसर में लाकर एक प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। इससे राज्य में निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी।
बिहार के औद्योगिक भविष्य की तस्वीर
बिहार लंबे समय से पिछड़े औद्योगिक ढांचे और रोजगार की कमी से जूझता रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए हैं।
BIIPP 2025 पैकेज के लागू होने से—
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राज्य में बड़े पैमाने पर निजी निवेश आएगा।
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हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
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बिहार का नाम देश के औद्योगिक मानचित्र पर और मज़बूत होगा।
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निर्यात, टेक्सटाइल और फिनटेक सेक्टर में नई संभावनाएँ खुलेंगी।
बिहार कैबिनेट द्वारा मंजूर किया गया औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 न केवल राज्य की औद्योगिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है, बल्कि यह निवेशकों के लिए भी बेहद आकर्षक अवसर प्रस्तुत करता है। मुफ्त जमीन, टैक्स छूट और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं निवेशकों को बिहार की ओर खींचेंगी।
अगर यह योजना सही ढंग से लागू हुई, तो आने वाले वर्षों में बिहार सिर्फ कृषि प्रधान राज्य नहीं रहेगा, बल्कि देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में भी अपनी जगह बना सकता है।

