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Income Tax Refund Delay : रिफंड में देरी का राज़ खुला! टैक्सपेयर्स को बड़ा झटका
By EditorialPublished on
Income Tax Refund Delay: इनकम टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर है. अगर आपके रिफंड क्लेम पर आयकर विभाग की तरफ से अतिरिक्त डॉक्यूमेंट्स की मांग की गई है और आपने समय पर उन्हें सबमिट नहीं किया है, तो आपके रिफंड में देरी हो सकती है. दरअसल, विभाग क्लेम की सही जांच-पड़ताल के बाद ही रिफंड जारी करता है, ऐसे में ज़रा-सी चूक आपके पैसे फंसा सकती है.

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Income Tax Refund Delay : वित्त वर्ष 2024-25 में कई टैक्सपेयर्स समय पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बावजूद Income Tax Refund Delay का सामना कर रहे हैं. आमतौर पर उम्मीद की जाती है कि ई-वैरिफिकेशन के बाद रिफंड 4 से 5 हफ्तों में मिल जाए, लेकिन कई मामलों में यह प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है. अगर आपके अकाउंट में समय पर पैसा क्रेडिट नहीं हो रहा है, तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं. आइए जानते हैं, आखिर क्यों हो रहा है Income Tax Refund Delay और इसे कैसे दूर किया जा सकता है.
आधार-पैन डिटेल्स का मेल न होना :
सबसे आम वजह आधार कार्ड और पैन कार्ड की जानकारी का मेल न खाना है. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय पैन और आधार का लिंक होना अनिवार्य है. अगर इन दोनों डॉक्यूमेंट्स में कोई गड़बड़ी या मिसमैच है, तो विभाग आपके रिफंड को रोक सकता है. यही कारण है कि आधार और पैन की डिटेल्स पहले से जांचना जरूरी है.
बैंक डिटेल्स में गलती :
Income Tax Refund Delay की दूसरी प्रमुख वजह बैंक अकाउंट डिटेल्स की त्रुटियां हैं. अगर आपने गलत अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड दर्ज किया है, तो रिफंड प्रोसेस पूरा नहीं होगा. इसलिए आईटीआर फाइल करते समय बैंक खाता और अन्य डिटेल्स को दोबारा चेक करना जरूरी है.
अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग :
कई बार टैक्स विभाग आपके क्लेम किए गए रिफंड पर अतिरिक्त डॉक्यूमेंट्स मांग सकता है. अगर आपने इन्हें समय पर सबमिट नहीं किया, तो रिफंड की प्रोसेसिंग अटक सकती है. गलत या अधूरी जानकारी देने पर विभाग जांच कर सकता है और नोटिस भी जारी कर सकता है. यह भी एक बड़ी वजह है कि टैक्सपेयर्स को Income Tax Refund Delay का सामना करना पड़ता है.
फॉर्म 26AS और फॉर्म 16 में अंतर :
अगर फॉर्म 26AS (Annual Information Statement) या फॉर्म 16 में दर्ज जानकारी आपकी इनकम टैक्स रिटर्न डिटेल्स से मेल नहीं खाती, तो रिफंड रोक दिया जाता है. इस स्थिति में टैक्सपेयर को स्पष्टीकरण देना पड़ता है. वैरिफिकेशन के बाद ही रिफंड जारी किया जाता है.
रिफंड में कितना समय लगता है ?
सामान्य स्थिति में, ई-वैरिफिकेशन के बाद 4-5 हफ्तों में बैंक खाते में रिफंड क्रेडिट हो जाता है. लेकिन अगर इस अवधि के बाद भी पैसा नहीं आता, तो जरूरी है कि आप अपने आईटीआर में संभावित कमियों की जांच करें. साथ ही, टैक्स विभाग की ओर से मेल या नोटिफिकेशन पर ध्यान दें.
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क्या करें टैक्सपेयर ?
- आधार और पैन लिंक होना सुनिश्चित करें.
- बैंक डिटेल्स सही दर्ज करें.
- टैक्स विभाग की तरफ से मांगे गए डॉक्यूमेंट्स समय पर अपलोड करें.
- फॉर्म 26AS और फॉर्म 16 की जानकारी को क्रॉस-चेक करें.
अगर आप भी Income Tax Refund Delay का सामना कर रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले अपने पैन और आधार लिंक की स्थिति देखें, बैंक डिटेल्स चेक करें और फॉर्म 26AS के साथ रिटर्न की जानकारी मिलाकर देखें। अगर सब कुछ सही है, फिर भी रिफंड नहीं आया है, तो आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपने ITR की स्थिति जांच सकते हैं।

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