GST Reform : GST बदलाव का काउंटडाउन शुरू; जानिए कब होगा असर
केंद्र सरकार GST Reform को लेकर फास्ट ट्रैक मोड में काम कर रही है. जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर को नई दिल्ली में होने जा रही है, जबकि 2 सितंबर को अधिकारियों की बैठक होगी. पहले यह बैठक सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में प्रस्तावित थी, लेकिन राज्यों से मशविरे के बाद इसे समय से पहले आयोजित किया जा रहा है. सरकार की योजना है कि नए जीएसटी की दरें दशहरे यानी 2 अक्टूबर से लागू कर दी जाएं. सूत्रों का कहना है कि नई दरें 22 सितंबर से भी प्रभावी हो सकती हैं.
जीएसटी ढांचे में बड़ा बदलाव :
20 और 21 अगस्त को दिल्ली में मंत्रियों के समूह की बैठक में जीएसटी दरों को सरल बनाने पर चर्चा हुई. इस बैठक में शामिल राज्यों ने 12% और 18% जीएसटी स्लैब खत्म करने पर सहमति जताई. प्रस्तावित संरचना के अनुसार अब दो प्रमुख दरें – 5% और 18% लागू की जा सकती हैं. वहीं सिगरेट और तंबाकू जैसे उत्पादों पर लगने वाले 28% टैक्स को बढ़ाकर 40% तक करने का सुझाव दिया गया है, जिसे sin tax कहा जा रहा है. यह कदम सरकार की राजस्व बढ़ाने और स्वास्थ्य नीति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.
पीएम मोदी का ऐलान :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से अपने संबोधन में GST Reform का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि दिवाली से पहले लागू होने वाला यह "नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म" आम लोगों को टैक्स के बोझ से राहत देगा और अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा. पीएम मोदी ने इस सुधार को देश की जनता के लिए दिवाली गिफ्ट बताया था.
अर्थव्यवस्था को बढ़ावा :
सरकार की कोशिश है कि इस GST Reform के जरिए टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाया जाए और उद्योग जगत को राहत दी जाए. जिन उत्पादों पर अब तक 28% टैक्स लगता था, उन्हें 18% की श्रेणी में लाने की संभावना है. वहीं 12% वाले सामान को 5% स्लैब में शिफ्ट किया जा सकता है. इससे आम उपभोक्ता को सीधे तौर पर फायदा होगा और बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद है.
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वैश्विक दबाव के बीच फैसला :
यह GST Reform ऐसे समय पर किया जा रहा है जब अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है. इसमें 25% बेस टैरिफ और 25% पेनाल्टी शामिल है. इसके बाद भारत सरकार की कोशिश है कि रूस समेत अन्य देशों के बाजारों में एक्सपोर्ट बढ़ाया जाए. सरकार का मानना है कि जीएसटी में बदलाव से घरेलू उद्योगों को मजबूती मिलेगी और निर्यात में भी इजाफा होगा.
सरकार के इस कदम से यह साफ है कि आने वाले हफ्तों में देश की टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अगर सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ, तो दशहरे से पहले ही नए जीएसटी नियम लागू हो सकते हैं, जो आम जनता और उद्योग जगत दोनों के लिए राहत और नई उम्मीदें लेकर आएंगे.
Editorial

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