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विरार संघ में भिक्षु दया का आयोजन
By EditorialPublished on
विरार उपसंघ में चल रहे पर्युषण पर्व के तहत स्वाध्यायी डा. रतनलाल मारू ने कहा कि आज आदमी की सारी बुद्धि और ऊर्जा पैसा कमाने तथा नाम उजागर करने में खर्च हो रही है। जहां आदमी का मूल्य कम और पैसे का मूल्य ज्यादा हो जाता है उस समाज में अनैतिकता और भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन मिलता है।

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मुंबई। विरार उपसंघ में चल रहे पर्युषण पर्व के तहत स्वाध्यायी डा. रतनलाल मारू ने कहा कि आज आदमी की सारी बुद्धि और ऊर्जा पैसा कमाने तथा नाम उजागर करने में खर्च हो रही है। जहां आदमी का मूल्य कम और पैसे का मूल्य ज्यादा हो जाता है उस समाज में अनैतिकता और भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन मिलता है। आज के भोगवादी परिवेश में जीवन मूल्यों के पुन: स्थापन की जरूरत है। ये मूल्य सम्यक् चारित्र से संभव है। शुद्ध चारित्र से ही मुक्ति संभव है।
स्वाध्यायी महेंद्र बोहरा ने अंतगडदसांग सूत्र का वाचन किया। संघ में भिक्षु दया, भजन, धार्मिक आशु भाषण, आगम आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। भजन प्रतियोगिता में अंजू बडालमिया प्रथम, हेमा मादरेचा द्वितीय एवं सुरभि सियाल तृतीय रही जबकि धार्मिक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम सुशीला पोखरणा, द्वितीय हेमा मादरेचा एवं तृतीय केशुलाल लोढ़ा रहे।
संघ अध्यक्ष राजेश मादरेचा, महामंत्री कन्हैयालाल पोखरना, कोषाध्यक्ष सुंदरलाल इटोदिया, संरक्षक लक्ष्मीलाल मादरेचा, प्रमुख भंवरलाल बडालमिया, उप प्रमुख ललित कोठारी एवं केशूलाल लोढ़ा, जीवन सिसोदिया, राहुल बागरेचा, भरत सिसोदिया, पंकज सांखला, हिम्मत लोढ़ा, नवीन मांडोत, मीना बडालमिया, सुशीला पोखरणा, अध्यक्ष अंजू व मंत्री नीलम बडालमिया ने योगदान दिया। यह जानकारी कन्या मंडल अध्यक्ष वंशिका कोठारी ने दी।
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