डायल-112 ने पूरे किए 3 साल, 43 लाख से अधिक नागरिकों को मिली आपातकालीन सहायता


पटना, 6 जुलाई 2025 – बिहार की आपातकालीन सेवा डायल-112 (Emergency Response Support System-ERSS) ने अपनी शुरुआत से लेकर अब तक राज्य के 43 लाख से अधिक नागरिकों तक त्वरित सहायता पहुँचाई है। 6 जुलाई 2025 को इस सेवा ने अपने अनवरत तीन वर्ष पूरे कर लिए।



1833 वाहनों से 24x7 सेवा, औसतन 14 मिनट 30 सेकंड का रिस्पॉन्स टाइम

वर्तमान में राज्य में कुल 1833 पुलिस इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स (ERVs) तैनात हैं, जिनमें 1283 चार पहिया और 550 दो पहिया वाहन शामिल हैं।
इनके माध्यम से राज्यभर में 24 घंटे, सातों दिन आपातकालीन सेवाएँ दी जा रही हैं।
सेवा की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि औसतन 14 मिनट 30 सेकंड के भीतर घटनास्थल तक सहायता पहुँच रही है।



सभी आपात स्थितियों के लिए एकल हेल्पलाइन

बिहार सरकार ने डायल-112 को एकल आपात हेल्पलाइन के रूप में विकसित किया है। इसके अंतर्गत नागरिकों को मिल रही हैं—

  • पुलिस सहायता

  • अग्निशमन सेवा

  • एम्बुलेंस व हाइवे पेट्रोलिंग

  • महिला व बाल सुरक्षा

  • आपदा प्रबंधन एवं अन्य आपात सेवाएँ

यह सुविधा 112 डायल करने, SMS, SOS या ERSS वेब पोर्टल के माध्यम से कहीं से भी और कभी भी प्राप्त की जा सकती है।



महिला पुलिस के हाथों संचालन, सशक्तिकरण की मिसाल

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डायल-112 का कॉलटेकर सेंटर पूरी तरह से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों द्वारा संचालित किया जा रहा है। इससे न केवल सेवा की संवेदनशीलता बढ़ी है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।



महिलाओं के लिए सुरक्षित सफर सुविधा

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 5 सितम्बर 2024 से ‘सुरक्षित सफर सुविधा’ शुरू की गई।
इसका उद्देश्य अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुँचाना है।
बिहार इस सुविधा को शुरू करने वाला देश का तीसरा राज्य है। अब तक 165 से अधिक महिलाओं ने इसका लाभ उठाया है।



तीन वर्षों की उपलब्धियाँ

पिछले तीन वर्षों में डायल-112 के माध्यम से—

  • 3.75 लाख से अधिक मामलों में घरेलू हिंसा, महिला अपराध एवं बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित सहायता दी गई।

  • 22.10 लाख से अधिक मामलों में स्थानीय विवाद, मारपीट व हिंसक झड़प में मदद पहुंचाई गई।

  • 1.95 लाख सड़क दुर्घटना मामलों में घायलों को तुरंत सहायता दी गई और अनेक जिंदगियाँ बचाई गईं।

  • 1.18 लाख आगलगी की घटनाओं में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर भेजी गई और जान-माल की रक्षा की गई।



हर दिन 6,500 से अधिक लोगों को राहत

डायल-112 की बदौलत प्रतिदिन औसतन 6,500 से अधिक नागरिकों को आपातकालीन सेवाएँ मिल रही हैं। सरकार का कहना है कि इस सेवा ने न केवल जन सुरक्षा की गारंटी को मजबूत किया है, बल्कि विश्वसनीयता और त्वरित कार्रवाई की नई मिसाल भी पेश की है।

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