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मेवाड भवन में पर्युषण पर्व जारी
By EditorialPublished on
मेवाड़ भवन, गोरेगांव में गुरूवार को साध्वी प्रज्ञाश्री मसा ने कहा कि जीवों की रक्षा के लिए यदि आवश्यक हो तो असत्य भाषा भी स्वीकार है। भाषा ऐसी होनी चाहिए, जिससे न स्वयं को और न दूसरों को पीड़ा पहुँचे। साध्वी पुण्या मसा ने कहा कि हमें भाषा का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि हमारी पहचान हमारी भाषा से ही होती है। जितनी सभ्य भाषा होगी, उतना ही जीवन संस्कारित होगा।साध्वी विजयलता मसा ने कहा पर्युषण पर्व का आज दूसरा दिन है। इन दिनों में जप, तप और खप कर लो

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